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पलामू – “सभी सरकारी विद्यालयों में पुस्तकालय निर्माण की दिशा में एक ठोस पहल” — PDNU Foundation*

PDNU Foundation के कार्यालय में संस्था के फाउंडर अक्षय कुमार द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।

पलामू – “सभी सरकारी विद्यालयों में पुस्तकालय निर्माण की दिशा में एक ठोस पहल”
— PDNU Foundation*

पलामू : PDNU Foundation के कार्यालय में संस्था के फाउंडर अक्षय कुमार द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
प्रेस वार्ता का मुख्य विषय झारखंड के सभी सरकारी विद्यालयों—विशेष रूप से 10वीं एवं 12वीं स्तर—पर पुस्तकालय निर्माण को लेकर था।

इस अवसर पर अक्षय कुमार ने कहा—

“मुझे नहीं पता कि सरकार या जनप्रतिनिधि ऐसे विषयों पर ध्यान क्यों नहीं केंद्रित कर पा रहे हैं, या करना नहीं चाहते। लेकिन यदि आज हमारा समाज अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, हमारी भी है।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल किसी को दोष देने के लिए नहीं, बल्कि सरकार और जनप्रतिनिधियों का ध्यान शिक्षा जैसे मूलभूत विषय पर केंद्रित करने के लिए है।

उन्होंने कहा—

“हम चाहते हैं कि झारखंड का नाम, और विशेष रूप से पलामू का पांकी, पूरे देश और दुनिया में पहचाना जाए। लोग यह जानें कि यदि सरकारी विद्यालयों में पुस्तकालय की शुरुआत कहीं से हुई थी, तो वह शुरुआत पांकी, झारखंड से हुई थी।”

अक्षय कुमार ने ग्रामीण–शहरी असमानता पर प्रकाश डालते हुए कहा—

“जिनके पास संसाधन हैं, वे शहरों में पैसे देकर लाइब्रेरी जा सकते हैं।
लेकिन पुरुषोत्तमपुर, चक, मनातू, पोरसम, बोरोदरी, केकड़गढ़ जैसे गाँवों के बच्चों का क्या?
क्या उन्हें पढ़ने का अधिकार नहीं है? क्या लाइब्रेरी केवल शहरों तक सीमित रहनी चाहिए?”

उन्होंने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा—

“अगर हम किसी को खाना देते हैं तो वह एक दिन चलता है,
पैसा देते हैं तो कुछ दिन,
लेकिन ईमानदारी से दी गई शिक्षा पूरी जिंदगी चलती है और जीवन को दिशा देती है।”

PDNU Foundation, जो कि Youth Development, Women Empowerment और Education के क्षेत्र में कार्यरत है, अपने विज़न

“From Zero to One – Jharkhand”
के तहत केवल समस्याएँ नहीं, बल्कि व्यावहारिक समाधान लेकर सामने आई है।

संस्था का लक्ष्य है कि झारखंड के सरकारी विद्यालयों में ऐसी पुस्तकालय व्यवस्था विकसित हो—

जहाँ गाँव का बच्चा भी सम्मान और सुविधा के साथ पढ़ सके

जहाँ संसाधनों की कमी उसकी प्रतिभा को न रोके

इस अभियान की शुरुआत पलामू जिले के पांकी प्रखंड से की जाएगी।
आने वाले महीनों में किसी एक सरकारी विद्यालय में मॉडल लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी, जिसका पूरा लाइब्रेरी मॉडल झारखंड सरकार एवं माननीय सांसद महोदय को भी प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि इसी तर्ज पर पूरे राज्य में इसे लागू किया जा सके।

अक्षय कुमार ने आगे कहा—

“यह सिर्फ पुस्तकालय खोलने की बात नहीं है,
यह उन बच्चों के सपनों को पंख देने की बात है,
जो अपनी सफलता की शुरुआत को हकीकत में बदलना चाहते हैं।”

भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि—

पहले चरण में सरकारी विद्यालयों में पुस्तकालय निर्माण

दूसरे चरण में, जनप्रतिनिधियों और सरकार के सहयोग से
पंचायत स्तर पर ‘Youth Hub Centre’ की स्थापना
जहाँ पुस्तकालय के साथ-साथ कई शैक्षणिक व कौशल सुविधाएँ उपलब्ध होंगी

उन्होंने अपने सपने को साझा करते हुए कहा—

“हम नहीं चाहते कि पांकी का युवा केवल दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई या कोलकाता ही जाए।
हम चाहते हैं कि एक दिन इन महानगरों से लोग पांकी देखने आएँ,
यह देखने कि कैसे गाँवों के सरकारी विद्यालयों में भी विश्वस्तरीय पुस्तकालय हैं—
जो शहरों से भी ज्यादा सुंदर और उपयोगी हैं।”

अंत में उन्होंने कहा—

“पांकी को भारत और विश्व के नक्शे पर पहचान दिलाना हमारा सपना और लक्ष्य है।
और यह तभी संभव होगा जब आप और हम मिलकर इसे चाहेंगे और सहयोग करेंगे।”

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