पलामू – रामगढ़ प्रखंड के बेडमा बभनडीह और चैनपुर प्रखंड के नेउरा मोड़ में गरजे झामुमो जिलाध्यक्ष: “झारखंड की खनिज संपदा पर केंद्र का डाका बर्दाश्त नहीं”
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पलामू जिला समिति के द्वारा डालटनगंज भण्डरिया विधानसभा में आज रामगढ़ प्रखंड के बेडमा बभनडीह, पंचायत स्थित बभनडीह मदरसा मैदान में , नावाडीह पंचायत के मैदान में और चैनपुर प्रखंड के नेउरा पंचायत के बाजार प्रांगण में केंद्र सरकार के नए खान एवं खनिज विकास संशोधन अधिनियम कानून विधेयक 2026 के खिलाफ एक विशाल जन जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

पलामू – रामगढ़ प्रखंड के बेडमा बभनडीह और चैनपुर प्रखंड के नेउरा मोड़ में गरजे झामुमो जिलाध्यक्ष: “झारखंड की खनिज संपदा पर केंद्र का डाका बर्दाश्त नहीं”
बभनडी मदरसा परिसर में एमएमडीआर (MMDR) खनिज संशोधन अधिनियम विधेयक के विरोध में झामुमो का विशाल जन जागरण अभियान संपन्न।
* जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा के नेतृत्व में उमड़ा जनसैलाब, केंद्र के काले कानून के खिलाफ उलगुलान का शंखनाद।
पलामू : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पलामू जिला समिति के द्वारा डालटनगंज भण्डरिया विधानसभा में आज रामगढ़ प्रखंड के बेडमा बभनडीह, पंचायत स्थित बभनडीह मदरसा मैदान में , नावाडीह पंचायत के मैदान में और चैनपुर प्रखंड के नेउरा पंचायत के बाजार प्रांगण में केंद्र सरकार के नए खान एवं खनिज विकास संशोधन अधिनियम कानून विधेयक 2026 के खिलाफ एक विशाल जन जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व मुख्य रूप से झामुमो के पलामू जिलाध्यक्ष आदरणीय श्री राजेंद्र प्रसाद सिन्हा जी ने किया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सह जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “केंद्र की मोदी सरकार नए MMDR कानून के जरिए झारखंड के जल, जंगल, जमीन और बहुमूल्य खनिज संपदा को कॉरपोरेट घरानों के हाथों में सौंपने की बड़ी साजिश रच रही है। यह काला कानून हमारे राज्य के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है। झारखंड को उसकी रॉयल्टी और हिस्सेदारी से वंचित करने के इस प्रयास को झामुमो किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगा।”
मैया सम्मान और अबुआ आवास जैसी योजनाओं को रोकने की साजिश:
श्री सिन्हा ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए आगे कहा कि जब से आदरणीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी ने ‘मैया सम्मान योजना’ और ‘अबुआ आवास’ जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं से राज्य के गरीबों को सशक्त करना शुरू किया है, तब से विपक्षी घबरा गए हैं। नए काले कानून के जरिए राज्य के राजस्व को रोककर इन लोकहितैषी योजनाओं को बाधित करने की कोशिश की जा रही है, जिसे झारखंड की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
स्थानीय जनता और ग्राम सभा के अधिकारों की अनदेखी:
जन जागरण अभियान में वक्ताओं ने कहा कि इस नए कानून से स्थानीय जनता, ग्राम सभा और पेसा (PESA) कानून की शक्तियों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। अब समय आ गया है कि गांव-गांव से लोग उठ खड़े हों और इस दमनकारी नीति का पुरजोर विरोध करें। अपने हक और वजूद की रक्षा के लिए झारखंड का बच्चा-बच्चा इस उलगुलान में साथ है।
इस अवसर पर स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, प्रखंड पदाधिकारियों सहित हजारों की संख्या में महिला-पुरुष और ऊर्जावान कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने “काला कानून वापस लो”, “हेमंत सोरेन जिंदाबाद” और “झारखंड हमारा है, अधिकारों की लूट बंद करो” के गगनभेदी नारे लगाए।इस जन जागरण अभियान मेंकेंद्रीय समिति सदस्य सलोनी टोपनो जिला सचिव रंजन चंद्रवंशी, संगठन सचिव देवानन्द भारद्वाज, वरिष्ठ नेता रामनाथ चंद्रवंशी अल्पसंख्यक अध्यक्ष फ़ज़ायल अहमद, कमरूदीन अंसारी, सरोज अंसारी सहित प्रखंड के सैकड़ों लोग शामिल हुए l




