पलामू – महिला आरक्षण के नाम पर भाजपा नेता घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं: राजेंद्र सिन्हा
झामुमो पलामू : जिला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने प्रेस बयान जारी कर महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।

पलामू – महिला आरक्षण के नाम पर भाजपा नेता घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं: राजेंद्र सिन्हा
महिला आरक्षण को लेकर भाजपा पर झामुमो का हमला
झामुमो पलामू : जिला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने प्रेस बयान जारी कर महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर “घड़ियाली आंसू” बहा रही है और वास्तव में इसे लागू करने की कोई मंशा नहीं रखती।

राजेंद्र सिन्हा ने कहा कि हाल ही में 131वाँ संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका, जिसे भाजपा नेता महिला आरक्षण कानून से जोड़कर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों मुद्दे पूरी तरह अलग हैं और इन्हें जोड़ना जनता को भ्रमित करने का प्रयास है। उन्होंने याद दिलाया कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाला 106वाँ संविधान संशोधन विधेयक 2023 में सर्वसम्मति से पारित हो चुका है।
हालांकि, उस समय इसमें यह शर्त जोड़ दी गई थी कि आरक्षण तब लागू होगा जब अगली जनगणना पूरी हो जाएगी और उसके आधार पर परिसीमन किया जाएगा। श्री सिन्हा के अनुसार, इस शर्त ने कानून के क्रियान्वयन को अनिश्चित समय के लिए टाल दिया है। श्री सिन्हा ने सवाल उठाया कि यदि सरकार की मंशा साफ होती, तो महिलाओं को 2024 के लोकसभा चुनाव में ही आरक्षण का लाभ मिल सकता था।
उन्होंने कहा कि अब तक सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि मौजूदा सीटों के भीतर ही आरक्षण लागू क्यों नहीं किया जा सकता और परिसीमन का इंतजार क्यों जरूरी बताया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में चुनावी माहौल के बीच बिना व्यापक चर्चा और सर्वदलीय सहमति के संसद का विशेष सत्र बुलाकर 131वाँ संशोधन विधेयक लाया गया।
इसके साथ परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े प्रस्ताव भी पेश किए गए, जिससे यह संकेत मिलता है कि महिला आरक्षण के मुद्दे की आड़ में अन्य प्रावधानों को पारित कराने की कोशिश की गई। मौके पर उपस्थित सचिव रंजन चंद्रवंशी ने कहा कि अगर सरकार सच में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है, तो उसे तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए, अन्यथा यह सिर्फ राजनीतिक दिखावा ही माना जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल कानून बनाने से नहीं, बल्कि उसे समय पर लागू करने से संभव होता है। झामुमो नेता सन्नी शुक्ला ने केंद्र सरकार से जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संवेदनशील मुद्दों को चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सन्नी शुक्ला ने यह भी मांग की कि सरकार महिला आरक्षण लागू करने की स्पष्ट समय सीमा घोषित करे। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब सिर्फ वादों से संतुष्ट नहीं होंगी और ठोस परिणाम चाहती हैं। अंत में उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे मुद्दों पर सजग रहें और केंद्र की सरकार से जवाब मांगें।




