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परशुराम सेना भार्गव द्वारा मिलन समारोह सह वनभोज का आयोजन, श्री परशुराम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा की रूपरेखा तय

परशुराम सेना भार्गव के तत्वावधान में मेदिनीनगर शहर के रांची रोड स्थित रेड़मा क्षेत्र के मथुराबाड़ी में नव-निर्मित भगवान श्री परशुराम मंदिर परिसर में मिलन समारोह सह वनभोज कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया

परशुराम सेना भार्गव द्वारा मिलन समारोह सह वनभोज का आयोजन, श्री परशुराम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा की रूपरेखा तय

मेदिनीनगर : परशुराम सेना भार्गव के तत्वावधान में मेदिनीनगर शहर के रांची रोड स्थित रेड़मा क्षेत्र के मथुराबाड़ी में नव-निर्मित भगवान श्री परशुराम मंदिर परिसर में मिलन समारोह सह वनभोज कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर पलामू प्रमंडल के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में सनातनी श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं संगठन से जुड़े लोग शामिल हुए। कार्यक्रम पूरे दिन श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री परशुराम की पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई।

इसके पश्चात परशुराम सेना भार्गव के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ सदस्यों ने संगठन की भूमिका, उद्देश्य एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण पर विस्तार से अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि भगवान श्री परशुराम न केवल शस्त्र और शास्त्र के ज्ञाता थे, बल्कि वे न्याय,धर्म और सामाजिक संतुलन के प्रतीक भी हैं। उनके आदर्श आज के समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। मिलन समारोह के दौरान आगामी प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और उसकी रूपरेखा तय की गई। आयोजन समिति द्वारा जानकारी दी गई कि भगवान श्री परशुराम की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर कई चरणों में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जाएंगे। इसी क्रम में 15 जनवरी को नगर भ्रमण का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भगवान श्री परशुराम की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।

नगर भ्रमण के उपरांत हनुमंत पूजा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।आयोजन समिति ने बताया कि भगवान श्री परशुराम की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा 2 फरवरी को शुरू होगी। इस कार्यक्रम के कार्यक्रम प्रभारी दिलीप तिवारी ‘मंटू’ को इसकी जिम्मेदारी सौपी गई।दिलीप तिवारी ने कहा कि इस मौके पर समस्त सनातन समाज बढ़ चढ़कर हिस्सा ले और कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाए इसके लिए कमिटी के साथ साथ सभी लोग प्रयास करें।इस अवसर पर सुबह कलश यात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सैकड़ों महिलाएं एवं श्रद्धालु सिर पर कलश लेकर भाग लेंगे। कलश यात्रा के पश्चात वैदिक विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठा एवं यज्ञ का आयोजन किया जाएगा।

यह संपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान श्री-श्री जीयर स्वामी के सानिध्य में संपन्न होगा, जिनकी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा और अधिक बढ़ेगी। बैठक के दौरान मंदिर के विकास, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का भी प्रमुख स्थल होगा। यहां समय-समय पर धार्मिक प्रवचन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।आयोजन स्थल पर सामने पड़ने वाले जमीन के हाता को हटाकर मंदिर की शोभा को बढाने के लिए जमीन के मूल रैयतों के द्वारा सहमति दी गई जिसके लिए सभी उपस्थित समाज के लोगों ने हार्दिक स्वागत किया।संगठन सभी के सहयोग से मंदिर परिसर को एक आदर्श धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करेगा। वनभोज कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच आपसी संवाद और मेल-मिलाप का वातावरण देखने को मिला। लोगों ने इसे सामाजिक एकता को मजबूत करने वाला कार्यक्रम बताया। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में विशेष उत्साह देखा गया।

कार्यक्रम स्थल पर भजन-कीर्तन और धार्मिक गीतों की प्रस्तुति भी की गई, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक पद्धति है, जो समाज को नैतिकता, अनुशासन और कर्तव्यबोध की सीख देता है। भगवान श्री परशुराम का जीवन त्याग, तपस्या और धर्म की रक्षा के लिए समर्पित रहा है। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी उनके आदर्शों को अपनाए और समाज निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाए। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति की ओर से सभी आगंतुकों, श्रद्धालुओं और सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

समिति ने अपील की कि आगामी धार्मिक अनुष्ठानों में अधिक से अधिक संख्या में लोग शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाएं। साथ ही नगर भ्रमण, हनुमंत पूजा और प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी से सहयोग की अपील की गई। मिलन समारोह सह वनभोज कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन ने न केवल धार्मिक चेतना को सशक्त किया, बल्कि समाज में एकता, सहयोग और सांस्कृतिक गौरव की भावना को भी मजबूत किया।

मौके पर पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी, रबिन्द्र तिवारी, बिनोद तिवारी गढ़वा, संरक्षक अजय तिवारी, मीडिया प्रभारी नितेश तिवारी, बसन्त तिवारी,परमेश तिवारी, मुकेश तिवारी,बकमलेश शुक्ला, जिला अध्यक्ष मधुकर शुक्ला, अभिषेक तिवारी, अंकित पांडे, मनी तिवारी, राकेश तिवारी, आलोक तिवारी, रितिक चौबे, सहित काफी संख्या में परशुराम वंशजो की उपस्थिति रही।

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