दिशोम गुरु शिबू सोरेन के कंधा से कंधा मिलाकर झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी का संगठन को मजबूती के लिए साथ में संघर्ष किए
निरसा एक समय था जब दिशोम गुरु शिबू सोरेन के कंधा से कंधा मिलाकर झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी का संगठन को मजबूती के लिए साथ में संघर्ष किए

दिशोम गुरु शिबू सोरेन के कंधा से कंधा मिलाकर झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी का संगठन को मजबूती के लिए साथ में संघर्ष किए
निरसा : एक समय था जब दिशोम गुरु शिबू सोरेन के कंधा से कंधा मिलाकर झारखंड मुक्ति मोर्चा पार्टी का संगठन को मजबूती के लिए साथ में संघर्ष किए तथा झारखंड राज्य अलग करने में योगदान दिए जिस वज़ह से गुरुजी ने धनबाद जिले में पार्टी का प्रथम जिला अध्यक्ष पद स्वo सुरेन्द्र नाथ तिवारी को दिया |

करीब 1975 को पार्टी तथा अलग राज्य की लड़ाई के क्रम में उन्हें भी गुरुजी के साथ टुण्डी के जंगल में दिन बिताना पड़ रहा था, स्वo सुरेंद्र नाथ तिवारी झा.
मु.मो. के टिकट से टुण्डी तथा निरसा से विधानसभा चुनाव भी लड़े थे | आज उनके पुत्र श्री तपन तिवारी झारखंड मुक्ति मोर्चा में योगदान दिए हुए है |

श्री तपन तिवारी का कहना है कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन, स्वर्गीय विनोद बिहारी महतो, स्वर्गीय ए के राय, शहीद निर्मल महतो इन महान नेताओ के साथ मेरे पिता ने अलग झारखंड राज्य करने में हर आंदोलन में शामिल हुए थे




