ठगी हो तो दे 1930 पर सूचना, साइबर थाना में आवेदन और बैंक को सूचना, बिना सुरक्षागार्ड वाले एटीएम मेें बरतें सावधानी
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा आयोजित जागरूकता पखवाड़ा के अंतर्गत मंगलवार को बाबूगांव स्थित आईस्टीन कोचिंग में छात्रों के बीच साइबर सुरक्षा एवं साइबर ठगी से बचाव पर एक विस्तृत कार्यशाला का आयोजन किया गया।अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा आयोजित जागरूकता पखवाड़ा के अंतर्गत मंगलवार को बाबूगांव स्थित आईस्टीन कोचिंग में छात्रों के बीच साइबर सुरक्षा एवं साइबर ठगी से बचाव पर एक विस्तृत कार्यशाला का आयोजन किया गया।

ठगी हो तो दे 1930 पर सूचना, साइबर थाना में आवेदन और बैंक को सूचना, बिना सुरक्षागार्ड वाले एटीएम मेें बरतें सावधानी
ग्राहक पंचायत के जागरूकता पखवाड़ा के तहत आईस्टीन कोचिंग, बाबूगांव में साइबर सुरक्षा कार्यशाला आयोजित ।
हजारीबाग:कुंवर यादव ब्यूरो रिपोर्ट
हजारीबाग : अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा आयोजित जागरूकता पखवाड़ा के अंतर्गत मंगलवार को बाबूगांव स्थित आईस्टीन कोचिंग में छात्रों के बीच साइबर सुरक्षा एवं साइबर ठगी से बचाव पर एक विस्तृत कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में बढ़ती ठगी की घटनाओं से अवगत कराना एवं सुरक्षित उपयोग की दिशा में प्रशिक्षित करना था।

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रांत उपाध्यक्ष मनोज गुप्ता तथा सह सचिव अरविंद राणा उपस्थित रहे। इस अवसर पर कोचिंग के संचालक एवं शिक्षक राजेंद्र यादव को ग्राहक पंचायत की ओर से पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन भी श्री यादव द्वारा किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रांत उपाध्यक्ष मनोज गुप्ता ने कहा कि देशभर में साइबर अपराध लगातार बढ़ रहा है और अपराधी तकनीकी ज्ञान की कमी का फायदा उठाकर युवाओं एवं सामान्य उपभोक्ताओं को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने छात्रों को बताया कि ठगी का शिकार होने पर सबसे पहले 1930 टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें, साथ ही निकटवर्ती साइबर थाना में लिखित आवेदन और संबंधित बैंक को तुरंत जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि खाते से निकली राशि को रोका जा सके और आगे की कानूनी कार्रवाई प्रारंभ की जा सके।

उन्होंने हजारीबाग में पिछले एक वर्ष में सामने आए दर्जनों मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि ठग अक्सर बैंक अधिकारी, सरकारी एजेंसी या लोन-योजना प्रदाताओं के नाम पर लोगों से संपर्क करते हैं। कई मामलों में लोग आकर्षक रिटर्न, लोन स्वीकृति, सरकारी लाभ, ऑनलाइन शॉपिंग ऑफर या पुरस्कार के झांसे में आकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा कर देते हैं, जिससे खाते खाली हो जाते हैं।
मनोज गुप्ता ने छात्रों को बिना सुरक्षा गार्ड वाले एटीएम का उपयोग करते समय सतर्क रहने,
ओटीपी, एटीएम पिन, यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करने, एपीके फाइल डाउनलोड न करने, अनजान लिंक या कॉल पर भरोसा न करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि कृषि लोन, केसीसी लोन, रिचार्ज, लाडली योजना, पीएम आवास, बिरसा आवास, सरकारी सब्सिडी तथा हाल के समय में तेजी से बढ़ते डिजिटल अरेस्ट जैसे धोखाधड़ी के नए तरीकों से सावधान रहना आवश्यक है।
उन्होंने कहा— “ठग लालच, भय और झांसे को हथियार बनाते हैं। जागरूकता ही इसका सबसे प्रभावी बचाव है।”
इसी क्रम में सह सचिव अरविंद राणा ने ग्राहक पंचायत की कार्यप्रणाली, आंदोलन, उपभोक्ता अधिकार और संगठन की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राहक पंचायत का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना और हर स्तर पर उनके हितों की रक्षा करना है। उन्होंने बताया कि देशभर में ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध ग्राहक पंचायत के लंबे आंदोलन का परिणाम है,
जिसने बच्चों और युवाओं को आर्थिक तथा मानसिक नुकसान से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे केवल स्वयं ही नहीं, बल्कि अपने घर-परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी के प्रति जागरूक करें, क्योंकि डिजिटल विकास के साथ जोखिम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और विषय से संबंधित कई प्रश्न भी पूछे ।


