झारखंड: दफ्तर से गायब बाबूओं पर गिरी गाज! प्रमुख ने गेट पर बैठकर काट दी हाजिरी, अब कटेगा वेतन l
झारखंड के गिरिडीह जिले से सरकारी तंत्र की सुस्ती और अनुशासनहीनता की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। बिरनी प्रखंड सह अंचल कार्यालय में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रखंड प्रमुख रामू बैठा खुद एक्शन मोड में नजर आए।

झारखंड: दफ्तर से गायब बाबूओं पर गिरी गाज! प्रमुख ने गेट पर बैठकर काट दी हाजिरी, अब कटेगा वेतन l
गिरिडीह : झारखंड के गिरिडीह जिले से सरकारी तंत्र की सुस्ती और अनुशासनहीनता की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। बिरनी प्रखंड सह अंचल कार्यालय में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रखंड प्रमुख रामू बैठा खुद एक्शन मोड में नजर आए। सुबह 11 बजे तक जब अधिकांश कर्मचारी अपनी कुर्सी पर नहीं पहुंचे, तो प्रमुख ने किसी का इंतजार करने के बजाय उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर) अपने कब्जे में ले ली और कार्यालय के मुख्य गेट पर ही धरना देकर बैठ गए।

गेट पर लगा ‘जनता का दरबार’, अधिकारियों की कटी हाजिरी
जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां 11 के पार पहुंचीं, जो भी कर्मचारी कार्यालय पहुंचा, प्रमुख ने उनके सामने ही उनकी हाजिरी काट दी। इस दौरान दफ्तर आने वाले कर्मियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। प्रमुख रामू बैठा ने दो टूक कहा कि कर्मियों की इस लेट-लतीफी के कारण दूर-दराज से आने वाली जनता का काम समय पर नहीं हो पा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी कर्मचारी देरी से आए हैं, उनका वेतन काटने की सिफारिश की जाएगी। स्थिति यह थी कि बीडीओ दो दिनों से छुट्टी पर थे और सीओ उपायुक्त कार्यालय गए हुए थे, जिसका फायदा उठाकर कर्मचारी अपनी मनमर्जी कर रहे थे।
इन अधिकारियों और कर्मियों पर गिरी गाज
प्रमुख द्वारा की गई इस औचक कार्रवाई में कई बड़े नाम सामने आए हैं। अनुपस्थित रहने वाले प्रमुख कर्मियों में पंचायत सचिव उमेश कुमार मंडल, बीपीआरसी सुबोध कुमार, सहायक रविशंकर, शाहिद अख्तर, और पशु चिकित्सक डॉ. मृत्युंजय सिंह शामिल हैं। इसके अलावा बीसी कुंदन कुमार, सहायक अभियंता राजीव यादव, कनीय अभियंता मदन यादव, दिलीप यादव, दिलीप कुमार, प्रधान लिपिक सुरेंद्र कुमार यादव, कल्याण पदाधिकारी अनिल कुमार महतो, एजीएम देवेंद्र कुमार मंडल और बीएओ संजय कुमार स्वर्णकार की भी हाजिरी काटी गई।
आउटसोर्सिंग कर्मियों की भी नहीं चली मनमानी
कार्रवाई का डंडा सिर्फ स्थाई कर्मियों पर ही नहीं, बल्कि आउटसोर्सिंग के तहत काम कर रहे कंप्यूटर ऑपरेटरों पर भी चला। फारूक अंसारी, विकास कुमार वर्मा, जय कुमार, शिव शंकर कुमार और ब्रह्मदेव यादव जैसे कर्मी भी समय पर ड्यूटी पर नहीं मिले। प्रमुख ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि इन सभी कर्मियों का वेतन काटने के लिए उपायुक्त (DC) को पत्र भेजा जाएगा। इस कार्रवाई से जिले के अन्य सरकारी विभागों में भी हड़कंप मचा हुआ है।




