झामुमो जिला कार्यालय में मनाई गई अमर शहीद सिद्धो-कान्हू की जयंती, वीर सपूतों के बलिदान को किया गया नमन l
गिरिडीह स्थित झामुमो जिला कार्यालय में हूल क्रांति के महानायक अमर शहीद सिद्धो और कान्हू की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई।

झामुमो जिला कार्यालय में मनाई गई अमर शहीद सिद्धो-कान्हू की जयंती, वीर सपूतों के बलिदान को किया गया नमन l
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : स्थित झामुमो जिला कार्यालय में हूल क्रांति के महानायक अमर शहीद सिद्धो और कान्हू की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता झामुमो के नगर अध्यक्ष राकेश सिंह रॉकी ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ शहीदों के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।

इस दौरान उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वीर सपूतों के बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
नगर अध्यक्ष राकेश सिंह रॉकी ने कहा कि सिद्धो-कान्हू केवल नाम नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत और शोषण के खिलाफ उनका बिगुल आज भी प्रेरणा देता है और हमें समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिकार पहुंचाने के लिए कार्य करना चाहिए।

कोलेश्वर सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि हूल क्रांति भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसने अंग्रेजों की जड़ों को हिला दिया था। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने इतिहास से सीख लें और अपने अधिकारों के लिए सजग रहें।
प्रधान मुर्मू ने कहा कि सिद्धो-कान्हू का सपना शोषणमुक्त समाज का था और उसे साकार करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि झामुमो आदिवासियों और मूलवासियों के अधिकारों के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा है।
कार्यक्रम में अभय सिंह, दिलीप रजक, मो० जाकिर, अनवर अंसारी, राकेश रंजन, अनुभव सिंह, वकील चौड़े, संजय वर्मा, तेजो मंडल सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के उपरांत सिहोडीह निवासी प्रमोद स्वर्णकार, मोहन स्वर्णकार और विनोद स्वर्णकार ने झामुमो की नीतियों में विश्वास जताते हुए पार्टी की सदस्यता ग्रहण




