जी.एम, महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा महाविद्यालय में संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती पर सेमिनार का आयोजन किया गया।
जी.एम, महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा महाविद्यालय में संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती पर सेमिनार का आयोजन किया गया।

जी.एम, महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा महाविद्यालय में संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती पर सेमिनार का आयोजन किया गया।
हजारीबाग: ब्यूरो रिपोर्ट
हजारीबाग: जी.एम, महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वारा महाविद्यालय में संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती पर सेमिनार का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम जी.एम. महाविद्यालय के सचिव श्री शंभू कुमार तथा महाविद्यालय के प्राचार्य विनय कुमार एवं शिक्षकों ने गुरु रविदास के चित्र पर माल्यार्पण किया। महाविद्यालय के प्राचार्य शंभू कुमार ने उनके बताए मार्ग का अनुसरण करने के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय परीक्षा नियंत्रक रंजन कुमार ने संत शिरोमणि रविदास के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत शिरोमणि रविदास जन्म से ही संत प्रकृति के थे। उन्होंने छुआ छूत जात-पात का विरोध किया।

उन्होंने मन चंगा तो कटौती में गंगा को दोहराते हुए कहा कि रविदास का मानना था कि जिसका मन स्वच्छ होता है उसका जीवन भी गंगा नदी के समान पवित्र होता है। हमें उनके द्वारा दिए गए एकता के संदेश को लेकर आगे बढ़ना चाहिए महाविद्यालय के छात्रों ने भी रविदास की जयंती पर अपने विचार प्रकट किये। ।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के जिला पदाधिकारी उमेश ठाकुर ,कुंदन कुमार, विनय कुमार ,रेयाज अहमद, पूनम कुमारी,आशीष पाण्डे, मनोज राणा, नीलिमा कुजूर, तथा उर्मिला राणा आदि मौजूद थे।




