जमशेदपुर से हाता हल्दीपोखर आने जाने वाले यात्रीओ से बस एजेंटों के द्वारा मनमाना किराया एवं दुर्व्यवहार से भड़के ग्रामीण ।
पोटका प्रखंड क्षेत्र के हाता दुर्गा मंदिर परिसर में सोमवार को मुखिया देवी भूमिज एवं ग्रामीणों का उपस्थिति में एक बैठक का आयोजन किया गया।

जमशेदपुर से हाता हल्दीपोखर आने जाने वाले यात्रीओ से बस एजेंटों के द्वारा मनमाना किराया एवं दुर्व्यवहार से भड़के ग्रामीण ।
अभिजीत सेन।
जमशेदपुर/ पोटका
पोटका प्रखंड क्षेत्र के हाता दुर्गा मंदिर परिसर में सोमवार को मुखिया देवी भूमिज एवं ग्रामीणों का उपस्थिति में एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बस एजेंटों द्वारा जमशेदपुर के मानगो, साकची एवं रेलवे स्टेशन ,बस स्टैंड से हाता हल्दीपोखर के लिए आने वाले यात्रियों को बस में चढ़ने से रोकने, दुर्व्यवहार करने एवं महिला व बुजुर्ग को सीट से जबरन उठा देने जैसी घटनाओं पर रोक लगाने को लेकर चर्चा हुया।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बस एजेंट द्वारा हाता हल्दीपोखर आने वाले यात्रियों के साथ रोजाना बदतमीजी किया जाता है। एजेंट अपनी दबंगता दिखाते हुए हाता हल्दीपोखर के ग्रामीणों को बस में सवार नहीं होने देते। बस में सवार होने पर ज्यादा भाड़ा की मांग करते हैं। मनमानी भाड़ा नहीं देने पर बीच रास्ते में ही ग्रामीण क्षेत्र के सवारियों को बस से जबरन उतार दिया जाता है। ऐसी घटनाएं रोज हो रही है, इससे ग्रामीणों में आक्रोश है।
बैठक में दबंग बस एजेंट के इस प्रकार गलत व्यवहार की कड़ी निंन्दा किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि घटना की शिकायत उपायुक्त, एसएसपी,बस मालिक एवं मानगो बस स्टैंड के मुख्य एजेंट से उनके दबंग कमीशन एजेंट की शिकायत करते हुए यात्रियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर रोक लगाने सहित हाता हल्दीपोखर के यात्रियों को बस में तय भाड़ा पर सम्मान पूर्वक यात्रा करने की मांग किया जाएगा।
मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीण हाता चौक में ऐसे बसों के परिचालन को अनिश्चितकालीन ठप कर देंगे। बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना से चल रहे बस में छात्र छात्राओं व बुजुर्गों से भी भाड़ा वसूलने पर रोक लगाने की मांग उठाया गया। इस अवसर पर समाजसेवी कृष्णा गोप, सुनील कुमार डे, शंकर चंद्र गोप, कृष्णापद मंडल, संजय साव, श्रीकांत सरदार, स्थानीय बस एजेंट सुभाष गोप,मंटू विश्वास,सुमित डे,रिक चटर्जी,संजय खंडायत,तपन मित्रा,मृगेन नायक सहित अन्य उपस्थित थे।



