छात्रों को आमंत्रित किए बिना मनाया गया नीलांबर–पीतांबर विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस, पदाधिकारियों ने निजी मनोरंजन बना दिया समारोह
आजसू छात्र संघ द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा गया कि नीलांबर–पीतांबर विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस समारोह इस बार पूरी तरह अपनी गरिमा खो बैठा।

छात्रों को आमंत्रित किए बिना मनाया गया नीलांबर–पीतांबर विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस, पदाधिकारियों ने निजी मनोरंजन बना दिया समारोह
पलामू : आजसू छात्र संघ द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा गया कि नीलांबर–पीतांबर विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस समारोह इस बार पूरी तरह अपनी गरिमा खो बैठा। अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर छात्रों को आमंत्रित तक नहीं किया गया, जबकि विश्वविद्यालय की आत्मा ही उसके छात्र होते हैं।

छात्र नेता अभिषेक राज ने कहा की स्थापना दिवस को छात्रों के साथ संवाद, उनकी उपलब्धियों के सम्मान और भविष्य की दिशा तय करने का मंच होना चाहिए था, लेकिन विश्वविद्यालय के कुछ पदाधिकारियों ने इसे अपने निजी मनोरंजन और औपचारिक खानापूर्ति का साधन बना दिया।
पूरे कार्यक्रम में छात्रहित, शैक्षणिक सुधार और कल्याण से जुड़े किसी भी विषय पर न तो चर्चा हुई और न ही कोई ठोस घोषणा।यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन जमीनी सच्चाइयों से कट चुका है। छात्र कल्याण पदाधिकारी की भूमिका इस पूरे आयोजन में पूरी तरह निष्क्रिय रही, जो अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असफल साबित हुए।
छात्रों को दरकिनार कर मनाया गया स्थापना दिवस, विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक और शैक्षणिक परंपरा पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न है।नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय प्रभारी हिमांशु रंजन ने कहा की हम विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग करते हैं कि इस विषय पर स्पष्टीकरण दिया जाए और भविष्य में स्थापना दिवस जैसे आयोजनों में छात्रों की अनिवार्य सहभागिता सुनिश्चित की जाए। अन्यथा छात्रहितों की अनदेखी के विरुद्ध आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।मौके पर राज दूबे, मनीष कुमार , नंदन कुमार आदि छात्र संघ के सदस्य मौजूद थे ।




