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चुरचू व आंगों थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े फल-फूल रहा अवैध कोयला कारोबार, प्रशासनिक निर्देश बेअसर

हजारीबाग जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन पर रोक लगाने को लेकर पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन द्वारा जारी सख्त निर्देशों के बावजूद चुरचू एवं आंगों थाना क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है।

चुरचू व आंगों थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े फल-फूल रहा अवैध कोयला कारोबार, प्रशासनिक निर्देश बेअसर

कुंवर यादव ब्यूरो रिपोर्ट

हजारीबाग : हजारीबाग जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन पर रोक लगाने को लेकर पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन द्वारा जारी सख्त निर्देशों के बावजूद चुरचू एवं आंगों थाना क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। दिन के उजाले में बेखौफ तरीके से संचालित हो रहे अवैध कोयला डिपो और धड़ल्ले से हो रही कोयले की ढुलाई ने स्थानीय पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बीते दिनों आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को कोयला, बालू एवं पत्थर के अवैध उत्खनन और परिवहन पर सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए थे साथ ही अंचलाधिकारी एवं जिला खनन पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान चलाने का आदेश भी दिया गया था, ताकि खनिज संपदा की अवैध लूट पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और सरकारी राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है।

अंचल कार्यालय के पास जंगल में चल रहा ‘कोयले का काला खेल’

चुरचू व आंगों थाना क्षेत्र अंतर्गत अंचल कार्यालय से महज कुछ ही दूरी पर स्थित करगी जंगल क्षेत्र में एक बड़े अवैध कोयला डिपो के संचालन की चर्चा जोरों पर है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह डिपो इस कदर निर्भीकता से संचालित हो रहा है मानो यह किसी सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनी का वैध लोकल सेल डिपो हो।

सूत्रों की मानें तो यहां से प्रतिदिन कई ट्रक कोयला उत्तर प्रदेश और बिहार की विभिन्न मंडियों में भेजा जा रहा है। तस्कर कूड़े के भाव में कोयला खरीदकर सोने के भाव में बेच रहे हैं और लाखों रुपये की अवैध कमाई कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कोयला लदे भारी वाहनों की आवाजाही दिन में भी निर्बाध रूप से जारी रहती है, फिर भी किसी तरह की ठोस कार्रवाई नजर नहीं आती।

वन विभाग और सीसीएल की भूमिका भी संदेह के घेरे में

सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि जंगल क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं, बावजूद इसके वन विभाग की ओर से अनभिज्ञता जताई जा रही है, जो कई सवाल खड़े करती है। वहीं, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) अपने कोयला खदानों और संपत्तियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मियों पर भारी राशि खर्च करती है, इसके बावजूद रोजाना हजारों टन कोयले की चोरी होना सीसीएल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन और संबंधित विभाग ईमानदारी से संयुक्त अभियान चलाएं, तो इस अवैध कारोबार पर आसानी से अंकुश लगाया जा सकता है। लेकिन अब तक की निष्क्रियता कहीं न कहीं मिलीभगत की आशंका को भी जन्म देती है।

प्रशासन की साख पर सवाल, कार्रवाई का इंतजार

पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देशों के बावजूद चुरचू और अंगों थाना क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार का निर्बाध रूप से जारी रहना स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। यह न सिर्फ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि पर्यावरण और कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन इस खुलेआम चल रहे काले कारोबार पर कब और कैसे प्रभावी अंकुश लगाता है, या फिर यह अवैध खेल यूं ही दिनदहाड़े चलता रहेगा।

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