गेरुआ वस्त्र में सजे नन्हे कांवरिए, “बोल बम” के जयकारों से गूंजा बरगंडा; शिशु वाटिका के बच्चों ने निकाली भव्य कांवर यात्रा
श्रावण मास की भक्ति और आस्था से मंगलवार को बरगंडा का माहौल शिवमय हो गया। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा के शिशु वाटिका के नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों ने गेरुआ वस्त्र धारण कर भव्य कांवर यात्रा निकाली।

गेरुआ वस्त्र में सजे नन्हे कांवरिए, “बोल बम” के जयकारों से गूंजा बरगंडा; शिशु वाटिका के बच्चों ने निकाली भव्य कांवर यात्रा
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : श्रावण मास की भक्ति और आस्था से मंगलवार को बरगंडा का माहौल शिवमय हो गया। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा के शिशु वाटिका के नन्हे-मुन्ने भैया-बहनों ने गेरुआ वस्त्र धारण कर भव्य कांवर यात्रा निकाली। इस दौरान पूरा विद्यालय परिसर और यात्रा मार्ग “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से गूंज उठा।

विद्यालय परिसर से शुरू हुई कांवर यात्रा भक्ति गीतों और जयघोष के बीच विश्वनाथ मंदिर, बरगंडा पहुंची, जहां यात्रा का समापन हुआ। नन्हे बच्चों के हाथों में जल कलश और कंधों पर कांवर देखकर लोगों में भी भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

शिशु वाटिका की आचार्या कल्पना दीदी सहित गायत्री विश्वकर्मा, मोटूसी दान, प्रिया विशाखा, अनिता मिश्रा, रूपम कुमारी, नम्रता गुप्ता, सीमा शंघाई, बेबी सरकार, मोनालिसा कुमारी, अन्नू कुमारी और मनीषा कुमारी के मार्गदर्शन में यह आयोजन संपन्न हुआ।

विद्यालय के प्रधानाचार्य आनंद कमल ने कहा कि विद्यालय में शिक्षा के साथ बच्चों को संस्कार देने पर भी विशेष जोर दिया जाता है। ऐसी धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से बच्चों में अनुशासन, भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान और राष्ट्र के प्रति गौरव की भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि संस्कारों की मजबूत नींव ही देश के उज्ज्वल भविष्य का आधार बनती है।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी आचार्य और दीदी जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में वरिष्ठ आचार्य नलिन एवं नागमणि आचार्य की सराहनीय भूमिका रही।




