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गिरिडीह में दुर्गा पूजा की धूम : अकादमी परिसर, सिहोडीह और पपरवाटांड़ में बने आकर्षक पंडाल 60 से 100 फीट ऊंचे पंडाल, 5 से 7 लाख रुपये की लागत, देखने उमड़ रही भीड़

नवरात्र के मौके पर गिरिडीह शहर और आसपास के इलाकों में दुर्गा पूजा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक भव्य पंडालों का निर्माण किया गया है, जो इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

गिरिडीह में दुर्गा पूजा की धूम : अकादमी परिसर, सिहोडीह और पपरवाटांड़ में बने आकर्षक पंडाल
60 से 100 फीट ऊंचे पंडाल, 5 से 7 लाख रुपये की लागत, देखने उमड़ रही भीड़

गिरिडीह, मनोज कुमार।

गिरिडीह : नवरात्र के मौके पर गिरिडीह शहर और आसपास के इलाकों में दुर्गा पूजा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक भव्य पंडालों का निर्माण किया गया है, जो इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

शहर के रेलवे स्टेशन रोड स्थित अकादमी परिसर में सूरो सुंदरी अकादमी की ओर से इस वर्ष विशेष पूजा पंडाल तैयार किया गया है। करीब 60 फीट ऊंचा यह पंडाल पश्चिम बंगाल से आए कारीगरों की टीम ने एक माह की मेहनत से बनाया है। इसके निर्माण में लगभग 5 लाख रुपये की लागत आई है। पूजा के दौरान यहां शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचते है।

मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के दुर्गा पूजा समिति सिहोडीह आम बगान में भी इस वर्ष भव्य दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यहां करीब 80 फीट ऊंचा पंडाल तैयार किया गया है, जिसकी लागत लगभग 6 लाख रुपये बताई जा रही है। परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है, जिससे शाम होते ही पूरा क्षेत्र आलोकित हो उठता है। आयोजन समिति ने इस बार पूजा को खास बनाने के लिए कई आकर्षक कार्यक्रमों की भी तैयारी की है।

इसी तरह मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के दुर्गा पूजा समिति पपरवाटांड़ में भी इस बार भव्य दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। यहां करीब 100 फीट ऊंचा पंडाल तैयार किया गया है, जिसे बनाने में लगभग 7 लाख रुपये खर्च हुए हैं। बंगाल और स्थानीय कारीगरों ने एक माह की मेहनत से इसे सजाया है। यह पंडाल इन दिनों पूजा प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।साथ ही भव्य मेला का भी आयोजन किया गया

तीनों ही स्थानों पर पूजा समितियों की ओर से सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आकर्षक झांकियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मेला का भी आयोजन किया गया है।

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