गिरिडीह में जनगणना 2027 के प्रथम चरण को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
गिरिडीह के समाहरणालय सभागार में भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO)’ को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

गिरिडीह में जनगणना 2027 के प्रथम चरण को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
गिरिडीह : मनोज कुमार।
गिरिडीह : गिरिडीह के समाहरणालय सभागार में भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO)’ को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त रामनिवास यादव, उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, गृह मंत्रालय के संयुक्त निदेशक डॉ. सत्येन्द्र कुमार गुप्ता एवं अपर समाहर्ता द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, विभिन्न प्रखंडों से आए अधिकारी, पर्यवेक्षक, प्रगणक एवं संबंधित कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनगणना 2027 के प्रथम चरण की प्रक्रिया, दिशा-निर्देश एवं कार्य प्रणाली की विस्तृत जानकारी देना था, ताकि कार्य को समयबद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित ढंग से पूरा किया जा सके।

उपायुक्त ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना किसी भी देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिससे प्राप्त आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं और नीतियों का आधार बनते हैं। उन्होंने सभी को निर्देश दिया कि कार्य के दौरान न तो कोई आंकड़ा छूटे और न ही दोहराव हो।

प्रशिक्षण सत्र में गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय प्रशिक्षक सह संयुक्त निदेशक डॉ. सत्येन्द्र कुमार गुप्ता एवं जिला समन्वयक आकाश वाजपेई द्वारा अधिकारियों को जनगणना की बारीकियों, तकनीकी पहलुओं एवं प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें जनगणना का परिचय, नियुक्ति प्रक्रिया, वित्तीय व्यवस्था, कानूनी प्रावधान, 34 कॉलम एवं 33 प्रश्नों के डेटा संग्रहण की प्रक्रिया, HLO मोबाइल ऐप एवं CMMS पोर्टल का उपयोग शामिल रहा।

प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को मोबाइल आधारित डेटा संकलन, प्रपत्रों के उपयोग, सर्वेक्षण प्रक्रिया तथा रिपोर्टिंग प्रणाली के बारे में व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। साथ ही स्व-गणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया और CMMS पोर्टल के माध्यम से निगरानी एवं नियंत्रण की जानकारी भी दी गई।
बताया गया कि इस बार जनगणना डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिसमें टैबलेट एवं मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए डेटा संग्रहण किया जाएगा, जिससे कार्य अधिक तेज, सटीक और पारदर्शी होगा।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को यह भी बताया गया कि मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना जनगणना का पहला चरण है, जिसमें प्रत्येक घर, भवन और उसमें उपलब्ध सुविधाओं का विस्तृत विवरण दर्ज किया जाएगा। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने और सटीक आंकड़े प्राप्त करने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य करेंगे, ताकि सरकार को सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकें और विकास योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।



