गिरिडीह पुलिस की बड़ी सफलता, उसरी नदी पुल के पास झाड़ियों में बैठकर कर रहे थे ऑनलाइन ठगी, दो साइबर अपराधी गिरफ्तार
गिरिडीह पुलिस को प्रतिबिम्ब पोर्टल के माध्यम से मिली गुप्त सूचना ने साइबर अपराधियों के नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया।

गिरिडीह पुलिस की बड़ी सफलता, उसरी नदी पुल के पास झाड़ियों में बैठकर कर रहे थे ऑनलाइन ठगी, दो साइबर अपराधी गिरफ्तार
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : गिरिडीह पुलिस को प्रतिबिम्ब पोर्टल के माध्यम से मिली गुप्त सूचना ने साइबर अपराधियों के नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। सूचना थी कि ताराटाड़ जाने वाली मुख्य सड़क पर उसरी नदी पुल के समीप झाड़ियों में कुछ युवक बैठकर मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं।

सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस उपाधीक्षक (साइबर क्राइम) आबिद खाँ के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। टीम ने मौके पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो साइबर अपराधियों को दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित कुमार शर्मा (19 वर्ष) और रंजीत कुमार यादव (26 वर्ष) के रूप में हुई है, दोनों जमुआ थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फोनपे और गूगल पे जैसे ऑनलाइन भुगतान ऐप पर रैंडम नंबर डालकर सक्रिय UPI खातों की जानकारी निकालते थे। बाद में उन नंबरों पर कॉल कर खुद को किसी वित्तीय संस्था या ग्राहक सेवा का प्रतिनिधि बताकर लोगों से ठगी करते थे।

आरोपी ठगी की रकम को ‘Lotus Ne’ नामक ऑनलाइन गेमिंग ऐप के माध्यम से अपने खातों में स्थानांतरित करते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से दो मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड और एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 41/2025 दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क के अन्य सदस्यों और ठगी के पैटर्न की जांच में जुटी है। गिरिडीह पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल या लिंक पर अपनी बैंक जानकारी साझा न करें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना स्थानीय पुलिस को दें।




