गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी में जुटा गिरिडीह, 25 सितंबर को गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’ का स्वर
विद्या भारती के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘नमामि भारतम्–वंदे मातरम् सामूहिक गायन’ को लेकर गिरिडीह के बरगंडा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मंगलवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी में जुटा गिरिडीह, 25 सितंबर को गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’ का स्वर
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : विद्या भारती के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘नमामि भारतम्–वंदे मातरम् सामूहिक गायन’ को लेकर गिरिडीह के बरगंडा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मंगलवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सामूहिक गायन को व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने और इसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।

कार्यक्रम में जनजातीय शिक्षा समिति के प्रदेश मंत्री दिलीप पाहन, विद्या विकास समिति झारखंड के प्रदेश मंत्री डॉ. ब्रजेश सिंह, विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष अर्जुन मिष्टकार और सचिव डॉ. शालिनी खोवाला सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत प्रधानाचार्य आनंद कमल द्वारा अतिथियों के परिचय से हुई। इसके बाद अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

दिलीप पाहन ने कहा कि सामूहिक वंदे मातरम् गायन को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराना लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि विद्या भारती के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों के तहत बैनर, साक्ष्य प्रस्तुति और प्रमाणीकरण से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है।

वहीं डॉ. ब्रजेश सिंह ने कहा कि कार्यक्रम को केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि इसे समाजव्यापी अभियान बनाना है। उन्होंने कहा कि देशभर में एक साथ, एक स्वर और एक लय में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन बड़ी चुनौती है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए घर-घर संपर्क और जनजागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।

प्रधानाचार्य आनंद कमल ने विद्यालय परिवार की ओर से अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।
विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष अर्जुन मिष्टकार ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्रभावना और देश की गौरवगाथा का प्रतीक है। उन्होंने 25 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम को विशेष महत्व बताते हुए कहा कि यह दिन विचार और राष्ट्रभाव के संगम का अवसर बनेगा।
सचिव डॉ. शालिनी खोवाला ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सामूहिक वंदे मातरम् गायन को गौरव का विषय बताया और रांची से पहुंचे अतिथियों के प्रति आभार जताया।
बैठक में माल्डा के प्रधानाचार्य सुगदेव पंडित, बेंगाबाद के प्रधानाचार्य किशन, बंदरकुप्पी के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार समेत विद्यालय के आचार्य बंधु-भगिनी मौजूद रहे।
अब निगाहें 25 सितंबर पर हैं, जब राष्ट्रभक्ति के इस अभियान के तहत वंदे मातरम् के सामूहिक स्वर से गिरिडीह भी इस राष्ट्रव्यापी आयोजन का हिस्सा बनेगा।



