खूंटी के 25 किसानों को राजस्थान में मिलेगा आधुनिक खेती का प्रशिक्षण, राष्ट्रीय तिलहन मिशन के तहत पांच दिवसीय दौरा शुरू
झारखंड के खूंटी जिले के 25 प्रगतिशील किसान अब राजस्थान में तिलहनी फसलों की उन्नत और वैज्ञानिक खेती की बारीकियां सीखेंगे।

खूंटी के 25 किसानों को राजस्थान में मिलेगा आधुनिक खेती का प्रशिक्षण, राष्ट्रीय तिलहन मिशन के तहत पांच दिवसीय दौरा शुरू
Khunti Farmers Rajasthan Visit: झारखंड के खूंटी जिले के 25 प्रगतिशील किसान अब राजस्थान में तिलहनी फसलों की उन्नत और वैज्ञानिक खेती की बारीकियां सीखेंगे। राष्ट्रीय तिलहन मिशन के तहत किसानों का पांच दिवसीय अंतरराज्यीय परिभ्रमण कार्यक्रम शुरू हो गया है। इस दौरान किसान आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर बीजों, फसल प्रबंधन और उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीकों से रूबरू होंगे।

खूंटी से राजस्थान के लिए रवाना हुआ 25 किसानों का दल
राष्ट्रीय तिलहन मिशन योजना के अंतर्गत किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने की दिशा में खूंटी जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। आत्मा (ATMA), खूंटी के तत्वावधान में 2 नवंबर 2026 को जिले के विभिन्न प्रखंडों से चयनित कुल 25 प्रगतिशील किसानों का दल पांच दिवसीय अंतरराज्यीय परिभ्रमण के लिए राजस्थान के भरतपुर रवाना हुआ।
किसानों के इस दल को जिला कृषि पदाधिकारी एवं परियोजना निदेशक, आत्मा, खूंटी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के किसानों को तिलहनी फसलों की उन्नत खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना है।

तिलहनी फसलों की वैज्ञानिक खेती की तकनीक सीखेंगे किसान
इस पांच दिवसीय भ्रमण के दौरान किसानों को तिलहनी फसलों की उन्नत किस्मों, आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए किसानों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तिलहन अनुसंधान केंद्र का भ्रमण कराया जाएगा।
इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में खेती कर रहे प्रगतिशील किसानों के खेतों का भी दौरा कराया जाएगा। यहां किसान खेती के आधुनिक तौर-तरीकों को करीब से देख सकेंगे और कृषि विशेषज्ञों तथा अनुभवी किसानों से नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
बेहतर उत्पादन और फसल प्रबंधन पर रहेगा विशेष जोर
राजस्थान के भरतपुर में होने वाले इस अंतरराज्यीय परिभ्रमण के दौरान किसानों को तिलहनी फसलों की उन्नत एवं वैज्ञानिक विधि से खेती करने के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया जाएगा। इसमें बेहतर उत्पादन प्राप्त करने, फसल प्रबंधन को प्रभावी बनाने और नवीन कृषि तकनीकों को अपनाने जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे।
किसान यह भी समझ सकेंगे कि आधुनिक तकनीकों और उन्नत कृषि पद्धतियों के इस्तेमाल से तिलहनी फसलों की उत्पादकता किस तरह बढ़ाई जा सकती है। भ्रमण के दौरान प्राप्त जानकारी का उपयोग किसान अपने-अपने क्षेत्रों में खेती को अधिक प्रभावी और लाभकारी बनाने के लिए कर सकेंगे।
खूंटी में तिलहनी फसलों की खेती को मिलेगा बढ़ावा
जिले के किसानों को प्रशिक्षण और अंतरराज्यीय परिभ्रमण के माध्यम से कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों से जोड़ना इस पहल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। राजस्थान के कृषि अनुसंधान केंद्रों और प्रगतिशील किसानों के खेतों से मिलने वाला अनुभव खूंटी के किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
राष्ट्रीय तिलहन मिशन के तहत आयोजित यह कार्यक्रम किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इससे जिले में तिलहनी फसलों की खेती का विस्तार करने, उत्पादन बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।




