केंद्र का बजट जनविरोधी, झारखंड की उपेक्षा का दस्तावेज : कुणाल यादव
केंद्र सरकार द्वारा आज पेश किए गए आम बजट को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

केंद्र का बजट जनविरोधी, झारखंड की उपेक्षा का दस्तावेज : कुणाल यादव
हजारीबाग : केंद्र सरकार द्वारा आज पेश किए गए आम बजट को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। झामुमो के जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने इस बजट को जनविरोधी, राज्य विरोधी और कॉरपोरेट समर्थक करार देते हुए कहा कि यह बजट आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरा नहीं उतरता है।

कुणाल यादव ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा, आदिवासी, दलित और मध्यम वर्ग के साथ खुला अन्याय है। महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता से जूझ रही जनता को इस बजट से किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिली है।
उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे खनिज संपन्न राज्य के साथ एक बार फिर सौतेला व्यवहार किया गया है। राज्य को उसका बकाया, रॉयल्टी और विशेष सहायता पैकेज देने को लेकर बजट पूरी तरह मौन है। यह केंद्र सरकार की झारखंड विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।
झामुमो प्रवक्ता ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के वादे एक बार फिर जुमले साबित हुए हैं। एमएसपी की कानूनी गारंटी, खाद-बीज और डीज़ल की बढ़ती कीमतों पर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। इससे साफ है कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। युवाओं के रोजगार को लेकर भी बजट निराशाजनक है।
कुणाल यादव ने कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन बजट में स्थायी रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। सिर्फ आंकड़ों और घोषणाओं से युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में अपेक्षित निवेश न होना यह साबित करता है कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता नहीं बल्कि बड़े उद्योगपति और कॉरपोरेट घराने हैं।
कुणाल यादव ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इस बजट का पुरजोर विरोध करता है और केंद्र सरकार से मांग करता है कि वह राज्य के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करे, महंगाई पर नियंत्रण के ठोस कदम उठाए और किसानों व युवाओं के हित में वास्तविक और प्रभावी योजनाएं लाए।




