‘उम्मीद की किरण’ बना सहारा: 50 दिव्यांगों को कृत्रिम अंग, कई लाभुकों को सहायक उपकरण मिले l
रोटरी क्लब ऑफ गिरिडीह ग्रेटर द्वारा सामाजिक सेवा के तहत आयोजित तीन दिवसीय नि:शुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर ‘उम्मीद की किरण’ का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

‘उम्मीद की किरण’ बना सहारा: 50 दिव्यांगों को कृत्रिम अंग, कई लाभुकों को सहायक उपकरण मिले
गिरिडीह : मनोज कुमार।
गिरिडीह : रोटरी क्लब ऑफ गिरिडीह ग्रेटर द्वारा सामाजिक सेवा के तहत आयोजित तीन दिवसीय नि:शुल्क कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण शिविर ‘उम्मीद की किरण’ का सफलतापूर्वक समापन हुआ। बजरंग चौक स्थित ईश्वर स्मृति भवन में आयोजित इस शिविर ने दर्जनों दिव्यांगों के जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता की रोशनी भर दी।

शिविर में कुल 65 लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 50 दिव्यांगों को कृत्रिम हाथ और पैर लगाकर उन्हें चलने-फिरने की नई शक्ति प्रदान की गई। इसके अलावा जरूरतमंद लाभुकों के बीच 4 व्हीलचेयर, 7 वैशाखी, 2 छड़ी और 2 वॉकर का भी वितरण किया गया।

इस मानवीय पहल का लाभ सिर्फ गिरिडीह ही नहीं, बल्कि गोड्डा, जामताड़ा, देवघर, धनबाद, बोकारो और पश्चिम बंगाल के वीरभूम से आए दिव्यांगों को भी मिला। दूर-दराज से पहुंचे लोगों ने इस शिविर को अपने जीवन में बदलाव लाने वाला बताया।
समापन समारोह में ‘लंगटा बाबा स्टील प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशक सूरज साव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने रोटरी क्लब के इस सेवा कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देते हैं।

शिविर की सफलता में संयोजक सीए दीपक सोंथालिया, विकाश शर्मा, सुजय राज गुप्ता और सचिव सीए रवि गाडिया सहित कई सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं महावीर सेवा सदन, कोलकाता के डॉ. कौलिक घौराई और उनकी टीम ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
इसके अलावा अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति (सृजन शाखा) की अध्यक्षा प्रिया जैन, निकी गाडिया तथा टफकॉन TMT के सहयोग से यह शिविर और भी प्रभावी बन सका।
यह शिविर न सिर्फ दिव्यांगों को सहारा देने का माध्यम बना, बल्कि समाज में सेवा और संवेदना की मिसाल भी पेश कर गया।



