“आजादी के 79 साल बाद भी सड़क नहीं! बरसात में कट जाता है अंजनवा गांव, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा”
गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड स्थित बेलवाना पंचायत के अंजनवा मलुकचाल गांव में बरसात के साथ ही वर्षों पुरानी सड़क की समस्या फिर सामने आ गई है।

“आजादी के 79 साल बाद भी सड़क नहीं! बरसात में कट जाता है अंजनवा गांव, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा”
गिरिडीह, मनोज कुमार।
तीसरी, त्रिभुवन कुमार।
गिरिडीह : गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड स्थित बेलवाना पंचायत के अंजनवा मलुकचाल गांव में बरसात के साथ ही वर्षों पुरानी सड़क की समस्या फिर सामने आ गई है। कच्ची सड़क की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायक और संबंधित विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

समाजसेवी इंकज कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और युवाओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए गांव में जल्द पक्की सड़क निर्माण की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी और झारखंड राज्य गठन के बाद भी करीब 600 से 700 की आबादी वाले इस गांव तक पक्की सड़क नहीं पहुंच सकी है। बरसात में सड़क कीचड़ और फिसलन से भर जाती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
“ग्रामीणों ने कहा कि बरसात में सड़क पर चलना तक मुश्किल हो जाता है। चुनाव के समय नेता सड़क बनाने का वादा करते हैं, लेकिन बाद में कोई सुध नहीं लेता।”
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण आपातकालीन सेवाएं भी गांव तक नहीं पहुंच पातीं। बीमार पड़ने पर मरीजों को गोद में उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।
“सड़क खराब होने से एंबुलेंस गांव तक नहीं आती। मरीजों को गोद में उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है।”
ग्रामीणों ने सड़क के साथ-साथ पेयजल संकट का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि गांव के चापाकल खराब पड़े हैं और गर्मी में कुएं भी सूख जाते हैं, जिससे पानी के लिए भटकना पड़ता है।
“गांव में पीने के पानी की भी भारी समस्या है। चापाकल खराब हैं और गर्मी में कुएं सूख जाते हैं।”
समाजसेवी इंकज कुमार ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पक्की सड़क और पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई, तो ग्रामीणों के साथ जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। अब देखना होगा कि वर्षों से उपेक्षित इस गांव की आवाज प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक कब पहुंचती है।




