हर्ष अजमेरा ने विश्व मानवाधिकार सुरक्षा आयोग को दिया धन्यवाद, कहा सामाजिक कार्य और सेवा के प्रति समर्पित रहेगा हमारा पूरा जीवन
डब्लूएचआरपीसी ने हज़ारीबाग़ के युवा उद्यमी एवं युवाओं के यूथ आइकॉन हर्ष अजमेरा को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से किया सम्मानित, बनाया राष्ट्रिय उपाध्यक्ष

डब्लूएचआरपीसी ने हज़ारीबाग़ के युवा उद्यमी एवं युवाओं के यूथ आइकॉन हर्ष अजमेरा को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से किया सम्मानित, बनाया राष्ट्रिय उपाध्यक्ष
बेहतर स्वास्थ्य देखभाल प्रबंधन और सामाज सेवा के प्रति इनकी तन्मयता को देखते हुए मानवाधिकार सुरक्षा आयोग ने उन्हें यह उपाधि दी
हर्ष अजमेरा ने विश्व मानवाधिकार सुरक्षा आयोग को दिया धन्यवाद, कहा सामाजिक कार्य और सेवा के प्रति समर्पित रहेगा हमारा पूरा जीवन
हजारीबाग: विश्व मानवाधिकार सुरक्षा आयोग द्वारा हजारीबाग के एचजेडबी आरोग्यम हॉस्पिटल के निदेशक हर्ष अजमेरा को स्वास्थ्य देखभाल प्रबंधन और समाज सेवा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने हेतु डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। डब्लूएचआरपीसी द्वारा उनके कार्य अनुभव और अब तक की उपलब्धियों के अनुसार डॉक्टरेट की मानद उपाधि का सम्मान देने के साथ ही उन्हें डब्लूएचआरपीसी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी मनोनित किया गया। विश्व मानवाधिकार सुरक्षा आयोग एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है और यह यूनाइटेड नेशंस डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक्स एंड सोशल अफेयर्स और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी इंडिया से पंजीकृत हैं। हर्ष अजमेरा को यह डॉक्टरेट की मानद उपाधि आयोग के अंतर्राष्ट्रीय निदेशक डॉ. अभिन्ना होटा, आयोग के सचिव ब्रियन मवाले सके, पार्लियामेंट्री चेयरमैन सह गोवा के मुख्यमंत्री, स्पीकर और सांसद रहे फ्रांसिस्को सारडीन्हा और आयोग के चेयरमैन डॉ.तपन कुमार रोटरे के द्वारा नवाजा गया है। मानद डॉक्टरेट उपाधि मिलने के बाद हर्ष अजमेरा ने विश्व मानवाधिकार सुरक्षा आयोग को इसके लिए धन्यवाद दिया और कहा की सामाजिक कार्य और सेवा के प्रति हम समर्पित भाव से पूरा जीवन कार्य करते रहेंगे।

उन्होंने इस सम्मान के लायक बनाने के लिए लोगों के आशीर्वाद स्नेह और प्यार को श्रेय दिया है और आशा व्यक्त किया की आगे भी लोगों का यह सहयोग उन्हें प्राप्त होता रहेगा ।
हर्ष अजेमरा का एक संक्षिप्त परिचय और उनकी उपलब्धियां

हजारीबाग में पले- बढ़े और यही से शिक्षा दीक्षा ग्रहण करने वाले हर्ष ऐसे युवा हैं जो अपने सामाजिक कार्यों और सेवाभावी सोच के बदौलत तेजी से आगे बढ़ रहें है। ये एक सफल युवा उद्यमी के साथ युवाओं के लिए आइकॉन बनकर उभरे हैं। इन्होंने एचजेडबी आरोग्यम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के माध्यम से तकरीबन 300 लोगों को रोज़गार से जोड़ा है। स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ मानवीय सेवा के प्रति ये समर्पित भाव से कार्य करते हैं। पिछले कोरोना आपदा काल में इन्होंने बड़े फ्रंटलाइन कोविड वॉरियर्स के रूप में समाज में अपनी महत्ती भागीदारी निभाई थी। इनके द्वारा समय- समय पर कई अनोखे और समाजहित के कार्य किए जाते रहें हैं। हजारीबाग के डीएवी स्कूल से स्कूलिंग और बैंगलोर से एमबीए की पढ़ाई कर वापस अपने जन्मभूमि लौटने के बाद पहले अपने आदर्श मानने वाले पिता सुनील कुमार जैन के साथ हजारीबाग पैथोलॉजी में काम किया फिर साल 2015 में आरोग्यम हॉस्पिटल की स्थापना की जो वर्तमान में हजारीबाग और आसपास के जिलों का एकमात्र सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल है जहां लोगों को महानगरों के तर्ज पर स्वास्थ्य सुविधा मिलती है। हर्ष अजमेरा हजारीबाग होप एंड हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, अजमेरा फाउंडेशन, पराश्री मेडिलाइंस प्राइवेट लिमिटेड, हजारीबाग पैथोलॉजी और अजमेरा हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड नामक ग्रुप ऑफ़ कंपनीज के संचालक भी है। इन्हें बेहतर कार्य और उत्कृष्ट सेवा के लिए कई पुरस्कार और सम्मान भी मिल चुका है।

जिसमें साल 2018 में होटल ताज बेंगलुरु में झारखंड के बेस्ट युवा उद्यमी पुरस्कार, 2018 में झारखंड सरकार द्वारा वेब सर्विस प्रोवाइडर आयुष्मान भारत से सम्मानित, साल 2019 में पूरे झारखंड प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिल्ली में स्कॉच अवार्ड, साल 2022 में पीएमवाईजेके योजना के तहत बेहतर कार्य करने हेतु बेस्ट इन झारखंड अवॉर्ड, साल 2021 में जी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संपूर्ण झारखंड में समर्पित भाव से कोरोना काल में में कार्य करने हेतु कोरोना वॉरियर्स अवॉर्ड, साल 2021 में ही झारखंड सोशल एक्सीलेंट अवार्ड और साल 2022 में झारखंड राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा बेस्ट मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल का अवॉर्ड इन्हें मिल चुका है ।




