सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार (भारत सरकार) ने हजारीबाग किया दौरा ।
कई जगहों पर मंत्री ने किया निरीक्षण.....

सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार (भारत सरकार) साथ हजारीबाग उपायुक्त नेंशी शहाय जिला से परिभ्रमण करते हूए पहुंचे दारू प्रखंड।

हजारीबाग: दारू प्रखंड डॉ वीरेंद्र कुमार सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री, (भारत सरकार) पहुंचे जीला हजारीबाग, में परिभ्रमण कार्यक्रम कर हजारीबाग अपायुक्त नेंसी सहाय, प्रखंड दारू के मध्य विद्यालय महेसरा स्कूल 11:30 ए. एम को अपने दल बल के साथ पहुंचे। वही स्कूल परिसर मे मंत्री जी के स्वगत हेतू दारू बी.डी.यो, सी.यो, जनप्रतिनिधि सहित अपना बाल मित्र थाना दारू तटस्थ रहें। बताते चलें की स्कूल परिसर पहुचते ही। भारत सरकार डॉ वीरेंद्र कुमार ने छत के छजा के तरफ़ नजर उठाते हुए इसारा किए की ये बहुत जर्जर हालत में है।

फ़िर मध्य विद्यालय के अन्दर स्कूल प्रबंधक से वार्तालाप किए अकेले में फ़िर बारी- बारी क्लास रूम में बच्चो के हाल चाल पूछते हुऐ कुछ सवाल जवाब किए जैसे कि मंत्री जी क्लास रूम पहुंच कर बच्चो से पूछे की बेटा बताओ की तेरह और सात कितना होता है। मंत्री जी के सवाल का जवाब फोरण नहीं मिल सका और बगल से जब एक महानुभव ने वही सवाल को घुमा कर पूछे सत्रह और तीन तब बच्चे ज़ोर से बोले बिश वही स्कूल से निकल कर एक बात मंत्री जी के सामने आईं की महेसरा विद्यालय

में मैथ का और साइंस का टीचर नहीं है। बच्चो को इन दो सब्जेक्ट पढ़ने के लिए बाहर ट्यूशन लेना पड़ता है। जों बच्चो बाहर ट्यूशन लेने में सक्षम है। वे बच्चे अच्छे नंबर से पास हो रहें है। और बहुत से बच्चे स्कूल के भरोसे पढ़ रहें है। बाहर में ट्यूशन ले कर पढ़ाई कर पाना मुश्किल है। सारी समस्या सुनने के बाद मंत्री जी उनके टीम और उपायुक्त पहुंचे दारू प्रखंड के ग्राम पेटो में ग्रामीण सेवा केंद्र पहुंचते ही दिदियो ने मंत्री जी को तिलक लगा कर अपने हाथों से आम के पत्ते का बना मुकुट सिर पर पहनाई और गीत गान कर स्वागत किए वही बात करते है मंत्री जी ग्रामीण सेवा केंद्र पहुंच कर बहुत प्रसन्न हुए दिदी सब कड़ी मेहनत कर बेड- बड़े मसिनो को चलाना और लेमन ग्रास से चाई पत्ती बनाना बहुत अच्छा लगा वही कुछ समय दीदीयों से संवाद करने के बाद मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे वहा पहुंच कर आंगनबाड़ी में कार्यरत सेविकाओं से बात चीत किये फ़िर मंत्री जी ने रसोई से बच्चो के लिए बाना भोजन मगवाए, आज के खाने मे बच्चो के लिए खिचड़ी और सूजी का हलुआ था।

खिचड़ी मे कोई त्रुटि नहीं दिखी परन्तु हलुआ ने अपना मुंह खोल दीया मंत्री जी सूजी के हलुआ हाथ में लेते हुवे पूछे कि आप लोग सूजी भूनते नहीं है। ऐसा हलुआ खाने से बच्चो का तबीयत भी खराब हो सकता है। आप लोग इस चीज पर विशेष ध्यान रखिए।
सवादादाता – दारू से राजीव रंजन शर्मा की रीपोर्ट।




