Breaking Newsझारखण्डटेक्नोलॉजीताजा खबरदुनियादेशराजनीतिलाइफस्टाइललाइव न्यूज़

वित्त मंत्री से मिला आपसू छात्र संघ, विधानसभा में उठेगा कुलपति पर सवाल!

नीलांबर–पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU), मेदिनीनगर में कुलपति डॉ. (प्रो.) दिनेश कुमार सिंह के कार्यकाल में पनपे कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय लूट और शैक्षणिक अराजकता का मामला अब राजभवन से लेकर विधानसभा तक पहुंचने वाला है।

वित्त मंत्री से मिला आपसू छात्र संघ, विधानसभा में उठेगा कुलपति पर सवाल!

रांची में सौंपा गया 10 सूत्री ज्ञापन,राज्यपाल से मिल कार्रवाई का भरोसा

पलामू : नीलांबर–पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU), मेदिनीनगर में कुलपति डॉ. (प्रो.) दिनेश कुमार सिंह के कार्यकाल में पनपे कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय लूट और शैक्षणिक अराजकता का मामला अब राजभवन से लेकर विधानसभा तक पहुंचने वाला है। अखिल पलामू छात्र संघ (APSU) के केंद्रीय संयोजक राहुल कुमार दुबे एवं अभिषेक मिश्रा ने रांची स्थित आवास पर झारखंड सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर से मुलाकात कर विश्वविद्यालय में हुए भारी वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक मनमानी से जुड़े 10 गंभीर बिंदुओं पर आधारित ज्ञापन सौंपा।

छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि कुलपति के संरक्षण में विश्वविद्यालय को “कमीशनखोरी और नियमविहीन फैसलों का केंद्र” बना दिया गया है। स्मार्ट बोर्ड खरीद में गड़बड़ी, बिना निविदा लाखों–करोड़ों के निर्माण कार्य, MBA पाठ्यक्रम में नियमविरुद्ध भुगतान, अधिकारियों को अवैध रूप से कई पदों का प्रभार, UG ऑनर्स स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रमों का गैरकानूनी स्थानांतरण तथा निजी कॉलेजों में नामांकन पोर्टल बंद कर लगभग 3000 छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेलने जैसे गंभीर आरोप ज्ञापन में दर्ज हैं। छात्र संघ का कहना है कि छात्रहित, शिक्षकों के वेतन–पेंशन और शैक्षणिक गुणवत्ता को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है, जबकि वित्तीय लाभ से जुड़े निर्णयों को प्राथमिकता दी जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि यह विषय झारखंड विधानसभा में उठाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि वे माननीय राज्यपाल सह कुलाधिपति से मिलकर पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की पहल करेंगे। मंत्री के इस बयान के बाद NPU प्रशासन में हड़कंप मच गया है और पूरे पलामू प्रमंडल की निगाहें अब राजभवन और विधानसभा की कार्रवाई पर टिक गई हैं।

Related Articles

Back to top button