राष्ट्रयीय बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष पहुंचे बरही
नई टांड स्वर्गीय रूपेश पांडे के पीड़ित परिवार के आवास करीब अपराह्न 4 बजे पहुंचे।

राष्टीय बाल अधिकार संरक्षक आयोग के राष्टीय अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो समेत एनसीपीआर की टीम रविवार को स्वर्गीय रूपेश पांडे हत्याकांड की जांच करने बरही पहुंचे। जहाँ शीतल बिहार होटल मे जिला प्रशासन के साथ बैठक किया गया।उसके बाद आयोग की टीम जिला प्रशासन के साथ नई टांड स्वर्गीय रूपेश पांडे के पीड़ित परिवार के आवास करीब अपराह्न 4 बजे पहुंचे।
मौके पर प्रियक कानूनगो ने पत्रकारों को प्रेस वार्ता कर कहा कि बरही में हुई जघन्य हत्याकांड में जान गवां चुके बालक को न्याय दिलाने, एवं पुलिस इन्वेस्टिगेशन, एसआईटी टीम, चाइल्ड वेलफेयर पुलिस ऑफिसर , जिला पुलिस अधीक्षक , बच्चे का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक , जिला बाल कल्याण अधिकारी एवं बाल कल्याण समिति से बातचीत की है . हमने बच्चे के माता-पिता,चाचा और मृतक के दोस्तों से भी बात चीत की। उन्होंने यह भी कहा की हत्या बाद झगड़े में जिन लोगों को नामजद किया गया। मैंने उस बच्चे से भी बात की। इन सभी तथ्यों को हम अपने जांच रिपोर्ट में शामिल करेंगें।हमने इंश्योर करने का काम करेंगे। मृत बालक की हत्या की घटना से संबंधित किसी भी गवाह को प्रताड़ित पुलिस न करे।इस घटना में और इस घटना के बाद हुई, घटनाओं में बच्चों के साथ किसी भी तरह का प्रताड़ना न हो। देश मे बच्चों के अधिकारों को संरक्षण करने के लिए किशोर न्याय अधिनियम लागू है। उसके प्रवधानों का पूर्णरूपेण पालन हो,ये सुनिश्चत करवाने का काम राष्ट्रीय बाल आयोग करेगा। मैं आप लोगों के माध्यम से पीड़ित पक्ष के परिवार को एवं उसके दोस्तों को यह कहना चाहता हूं की न्याय दिलाने के लिए किसी भी प्रकार का डर या दबाव में आने की आवश्यकता नहीं है। आयोग उनके साथ है, न्याय और हक की लड़ाई लड़ने के लिए हम उनके सुरक्षा मिले, खासकर जो नाबालिक गवाह है। वही उन्होंने कहा कि मुझे कुछ बात मिले है जो किशोर अधिनियम न्याय भावना से विपरीत है। हमको ऐसा प्रतीत हो रहा है कि किशोर न्याय अधिनियम के जो प्रावधान नाबालिकों के साथ होता है उसे व्यवहार करते समय पुलिस को अपनाने चाहिए,जो वे नहीं अपनाए गए। साथ ही कहा कि हमने परिवार वालों की भी बात सुनी है और पुलिस से भी पूछा है कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए क्या करवाई की है। उन्होंने किसी का प्रॉपर्टी कुर्की करने की करवाई की, या किसी आरोपी को फरार घोषित करने की कार्रवाई की, या उनका अनुसंधान कहां तक पहुंचा है,जब पुलिस हमको बताये तो उनको इंक्वायरी रिपोर्ट में दर्ज करेंगे। गवाहों को 164 के बयानों पर नाबालिगों को प्रताड़ित नहीं करने की बात कही। जो संदिग्ध है बच्चों को भी मानना है कि सुरक्षा व संरक्षा की जरूरत है।उसके बाद उनके बयान की करवाई हो सके। परिवार वाले ने हम से मांग की है कि मृतक के परिवार को न्याय मिले, उनके गवाहों के साथ और दोस्तों के साथ किसी तरह का प्रताड़ना ना हो। परिवार वाले स्थानीय जांच एजेंसी से संतुष्ट नहीं है। वही अध्यक्ष ने कहा कि आयोग के पास जो शक्तियां है उसके अनुसार करवाई करेंगे। हम सरकार को इसे सिफारिश देंगे की किन्हें जांच में शामिल किए किया जाय.




