मानपुर गांव जाने वाली जर्जर सड़कों के खिलाफ ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन ।
पोटका प्रखंड क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव मानपुर पहुंचने वाली सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों सड़क निर्माण की मांग को लेकर किया जोरदार प्रदर्शन।

मानपुर गांव जाने वाली जर्जर सड़कों के खिलाफ ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन ।
अभिजीत सेन।
जमशेदपुर /पोटका
पोटका प्रखंड क्षेत्र के ऐतिहासिक गांव मानपुर पहुंचने वाली सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों सड़क निर्माण की मांग को लेकर किया जोरदार प्रदर्शन। प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि मानपुर पहुंचने वाली सड़के पूरी तरह से जज्जर हो चुकी है। सड़को में जगह-जगह पर बड़े-बड़े गड्ढे एवं जल जमाव के कारण यह दुर्घटना के कारण बन चुकी है। मानपुर गांव एक ऐतिहासिक गांव है, यहां अंग्रेज जमाने से स्कूल और अस्पताल है, जब इस इलाका में कहीं पर भी स्कूल और अस्पताल नहीं था,

तब से यहां शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं मौजूद है! वर्तमान में यहां कक्षा 1 से लेकर इंटर तक की पढ़ाई चल रही है! दूर दराज के गांव से छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए विद्यालय आते हैं! यहां पोस्ट ऑफिस, पंचायत भवन और तीन आंगनबाड़ी केंद्र चलती है! कोवाली से कालिकापुर की ओर आने के लिए मानपुर गांव से ही गुजरना पड़ता है!
लेकिन दुख की बात है कि मानपुर आने जाने के लिए कोई भी सड़क ठीक नहीं है, जैसे दाबांकी मुख्य सड़क से मानपुर, कमलपुर से मानपुर, दिगरसाई से मानपुर, गोबरागोड़ा से मानपुर, मातकमडीह से मानपुर इन सभी सड़कों की स्थिति बहुत ही जर्जर है! इन सड़कों से प्रतिदिन काफी संख्या में ग्रामीण एवं विद्यालय के छात्र-छात्राएं, आवागमन होता है! सड़के खराब होने के कारण बहुत ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है!

खासकर किसी गर्भवती महिला और मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी एंबुलेंस इस जर्जर सड़कों के चलते कभी गांव आती ही नहीं है। ग्रामीणों ने सरकार से अपील करते हैं कि अभिलंब इन सड़कों का निर्माण किया जाए, अन्यथा ग्रामीण जोरदार आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
मोके पर मुख्य रूप से सामाजिक कार्यकर्ता धीरन भकत, अंबिका महतो, ग्राम प्रधान गोपाल मुर्मू, मुखिया प्रतिनिधि तरनी सिंह सरदार,नुनाराम रजक, शत्रुघ्न दास, बंकिम रजक, कालू सिंह, ठाकुर प्रसाद पात्र, त्रिलोचन भकत, सुनील मांडी, लस्का मुर्मू, शुरू तापे, हरि मांडी, वीरेंद्र नाथ देव , छोटा होंदा मोहाली, नारायण भगत, दीनबंधु भगत, नकु रजक, विश्वनाथ मुंडा, ईश्वर देव , भद्र देव, राजू सरदार, लखाई मुर्मू, अंजू टुडू, शिवरानी मुंडा, चांदमनी मुंडा, चंपई मुर्मू , शंकर मुर्मू ,साथ में काफी संख्या में ग्रामीण स्कूल के बच्चा, शिक्षक, शिक्षिकाएं उपस्थित थे!



