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बिहार के 28 जिलों तक पहुंची पाइप्ड गैस, 1.52 लाख से ज्यादा घरों में PNG कनेक्शन; मुख्य सचिव ने 9 जिलों के लिए बनाई तेज एक्शन प्लान

बिहार में पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के विस्तार को लेकर राज्य सरकार ने काम में तेजी लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

बिहार के 28 जिलों तक पहुंची पाइप्ड गैस, 1.52 लाख से ज्यादा घरों में PNG कनेक्शन; मुख्य सचिव ने 9 जिलों के लिए बनाई तेज एक्शन प्लान

पटना : बिहार में पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के विस्तार को लेकर राज्य सरकार ने काम में तेजी लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बिहार के मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में सोमवार को PNG और CGD नेटवर्क की प्रगति की समीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के सभी जिलों में गैस नेटवर्क के विस्तार, घरेलू PNG कनेक्शन की स्थिति और लंबित इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में आयोजित की गई। इसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के सभी जिलों के जिलाधिकारी तथा तेल एवं गैस कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पाइपलाइन बिछाने और घरेलू उपभोक्ताओं को PNG कनेक्शन उपलब्ध कराने के कार्य को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बिहार के 38 में से 28 जिलों में पहुंचा CGD नेटवर्क

समीक्षा बैठक में सामने आया कि बिहार के कुल 38 जिलों में से 28 जिले अब सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से जुड़ चुके हैं। यानी राज्य के करीब 74 प्रतिशत जिलों में CGD नेटवर्क स्थापित या गैसीकृत किया जा चुका है। सरकार की ओर से लगातार नए जिलों को गैस नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।

पिछली समीक्षा बैठक के बाद भी इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इस अवधि में 5 नए जिलों को नेटवर्क से जोड़ने का काम पूरा किया गया। इनमें शिवहर और सीतामढ़ी को 27 अगस्त 2026 तथा बक्सर को 2 सितंबर 2026 को नेटवर्क से जोड़ा गया। इससे राज्य में PNG और CGD नेटवर्क का दायरा और बढ़ा है।

1.52 लाख से ज्यादा घरों में पहुंची घरेलू PNG

बिहार में सिर्फ पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार पर ही नहीं, बल्कि घरेलू उपभोक्ताओं तक पाइप्ड नैचुरल गैस पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है। अब तक राज्य में 1,52,686 से अधिक घरेलू PNG यानी D-PNG कनेक्शन लाइव हो चुके हैं।

बैठक में बताया गया कि यह आंकड़ा मार्च 2026 तक निर्धारित लक्ष्य का लगभग 40.44 प्रतिशत है। अधिकारियों को उन जिलों में घरेलू PNG कनेक्शन की गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए जहां नेटवर्क उपलब्ध होने के बावजूद कनेक्शन की प्रगति अपेक्षाकृत कम है।

कैमूर में नवंबर तक गैसीकरण का लक्ष्य

जिन जिलों में अभी गैस नेटवर्क को पूरी तरह विकसित किया जाना बाकी है, उनमें कैमूर यानी भभुआ को लेकर भी बैठक में स्थिति की समीक्षा की गई। कैमूर में स्टील इंफ्रास्ट्रक्चर और सिटी गेट स्टेशन यानी CGS के निर्माण का कार्य चल रहा है।

सरकार ने कैमूर को नवंबर 2026 तक गैसीकृत करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए संबंधित विभागों और गैस कंपनियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने को कहा गया है।

इन 9 जिलों में अभी नेटवर्क विस्तार की चुनौती

बिहार के 9 जिले ऐसे हैं जहां अभी तक CGD नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। इनमें अररिया, किशनगंज, अरवल, जहानाबाद, खगड़िया, नवादा, भागलपुर, सुपौल और गोपालगंज शामिल हैं।

इन जिलों में गैस नेटवर्क से संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और तकनीकी व्यवहार्यता की समीक्षा की जा रही है। मुख्य सचिव ने इन सभी 9 जिलों के जिलाधिकारियों को संबंधित तेल एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर विस्तृत कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया है।

इस कार्य योजना में नेटवर्क निर्माण, पाइपलाइन बिछाने, आवश्यक भूमि, तकनीकी जरूरतों और गैस कनेक्शन विस्तार से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल करने पर जोर दिया गया है।

NHAI और MoRTH से जुड़ी मंजूरियों को जल्द सुलझाने के निर्देश

बैठक में यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर गैस पाइपलाइन बिछाने के कार्य में विभिन्न विभागों से अनुमति लेने और स्थानीय स्तर की समस्याओं के कारण देरी हो रही है। ऐसे मामलों को जल्द दूर करने के लिए मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

खास तौर पर NHAI और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय यानी MoRTH से संबंधित अनुमति के मामलों को शीघ्र निपटाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा भूमि आवंटन, अतिक्रमण और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली अन्य बाधाओं का भी जल्द समाधान करने को कहा गया है।

कम प्रगति वाले जिलों में PNG कनेक्शन बढ़ाने पर जोर

मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान स्पष्ट रूप से कम प्रगति वाले जिलों में घरेलू PNG कनेक्शन की संख्या बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। इसके लिए जिलास्तर पर प्रशासन और तेल एवं गैस कंपनियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

सरकार का फोकस सिर्फ नए जिलों को गैस नेटवर्क से जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि जहां नेटवर्क तैयार हो चुका है वहां अधिक से अधिक घरों तक घरेलू पाइप्ड गैस कनेक्शन पहुंचाने पर भी है।

मिशन मोड में काम करने का निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को PNG और CGD से जुड़े कार्यों को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने नेटवर्क विस्तार, पाइपलाइन निर्माण, घरेलू कनेक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर और विभिन्न विभागों से जुड़ी मंजूरियों में अनावश्यक देरी को दूर करने पर जोर दिया।

राज्य सरकार की योजना के तहत आने वाले समय में बिहार के उन जिलों में भी गैस नेटवर्क का विस्तार किया जाना है जहां अभी CGD इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध नहीं है। इसके साथ ही मौजूदा नेटवर्क वाले जिलों में घरेलू PNG कनेक्शन की रफ्तार बढ़ाने की दिशा में भी प्रशासनिक स्तर पर निगरानी और समन्वय को मजबूत किया जा रहा है।

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