बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री बाढ़ राहत कोष में एक माह का ₹2.25 लाख मानदेय समर्पित : मृत्युंजय कुमार झा
बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने आज बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी से आत्मीय भेंट की।

बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री बाढ़ राहत कोष में एक माह का ₹2.25 लाख मानदेय समर्पित : मृत्युंजय कुमार झा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भेंट कर संस्कृत शिक्षा एवं मध्यमा परीक्षा-2027 सहित विभिन्न विषयों पर हुई सार्थक चर्चा
पटना : बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने आज बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी से आत्मीय भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री बाढ़ राहत कोष में अपने एक माह के मानदेय के रूप में ₹2,25,000 (दो लाख पच्चीस हजार रुपये) का चेक समर्पित किया।
श्री झा ने कहा कि बिहार, विशेषकर मिथिला एवं चंपारण क्षेत्र में आई बाढ़ से अनेक परिवार प्रभावित हुए हैं। विपदा की इस घड़ी में बाढ़ पीड़ित परिवारों के सहयोग एवं राहत कार्यों के लिए अपने एक माह के मानदेय को समर्पित करना सामाजिक जिम्मेदारी के भाव से किया गया एक छोटा-सा प्रयास है। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से भी बाढ़ पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया।

भेंट के दौरान बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड की ओर से किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री जी को दी गई। विशेष रूप से मध्यमा परीक्षा-2027, संस्कृत शिक्षा के विस्तार, नए एवं प्रस्तावित संस्कृत विद्यालयों तथा संस्कृत विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन के बेहतर वातावरण से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
श्री मृत्युंजय कुमार झा ने कहा कि बिहार में संस्कृत शिक्षा को व्यापक स्तर पर मजबूत करने के लिए विद्यालयों की शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास की दिशा में निरंतर प्रयास किया जा रहा है। मध्यमा परीक्षा-2027 में अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा संस्कृत शिक्षा को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए भी विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर श्री झा ने मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के प्रतीक विश्वप्रसिद्ध मखाना की माला, मिथिला पेंटिंग, मिथिला पेंटिंग की चादर एवं मिथिला पाग भेंट कर मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी का सम्मान किया तथा बिहार के निरंतर विकास एवं जनकल्याण के लिए शुभकामनाएँ दीं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गरीब, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आधारभूत संरचना एवं जनसुविधाओं के क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से कार्य किया जा रहा है। बिहार विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है और जनकल्याण को विकास की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार बनाया जा रहा है।
श्री झा ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों की सेवा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है, संस्कृत शिक्षा का विस्तार हमारा संकल्प है और विकसित बिहार हमारा लक्ष्य है।




