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पोषण पखवाड़ा 2026: निर्धारित कैलेंडर के अनुरूप गतिविधियों का करें आयोजन – उपायुक्त रामनिवास यादव

गिरिडीह के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने पोषण पखवाड़ा 2026 के सफल आयोजन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

पोषण पखवाड़ा 2026: निर्धारित कैलेंडर के अनुरूप गतिविधियों का करें आयोजन – उपायुक्त रामनिवास यादव

गिरिडीह, मनोज कुमार।

गिरिडीह : गिरिडीह के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने पोषण पखवाड़ा 2026 के सफल आयोजन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित मिशन पोषण 2.0 का उद्देश्य सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन संचार (SBCC) और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पोषण स्तर में व्यापक सुधार लाना है।

उपायुक्त ने बताया कि विगत वर्षों में पोषण पखवाड़ा के दौरान जन-जागरूकता अभियान एवं सामुदायिक गतिविधियों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इसी कड़ी में इस वर्ष 9 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक पोषण पखवाड़ा मनाया जाएगा, जिसके तहत निर्धारित कैलेंडर के अनुसार विभिन्न गतिविधियों का आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस बार पखवाड़ा के दौरान पोषण सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ सामुदायिक भागीदारी को और अधिक सशक्त करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

पोषण पखवाड़ा 2026 के प्रमुख थीम इस प्रकार हैं—

मातृ एवं शिशु पोषण:

गर्भावस्था के दौरान उचित पोषण एवं प्रसव पूर्व देखभाल शिशु के मस्तिष्क विकास और दीर्घकालिक संज्ञानात्मक क्षमता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पहले 1000 दिनों में संतुलित आहार एवं सही पोषण व्यवहार बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास की मजबूत नींव रखता है।

प्रारंभिक मस्तिष्क विकास (0-3 वर्ष):

जीवन के शुरुआती वर्षों में बच्चों के मस्तिष्क का तेजी से विकास होता है। इस दौरान स्नेह, देखभाल और संवाद बच्चों की सीखने और समझने की क्षमता को बढ़ाते हैं।

खेल-आधारित शिक्षा (3-6 वर्ष):

खेल के माध्यम से सीखना बच्चों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों के संज्ञानात्मक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को बढ़ावा मिलता है।

स्क्रीन समय में कमी:

अत्यधिक मोबाइल और टीवी का उपयोग बच्चों के विकास को प्रभावित कर सकता है। अभिभावकों और समुदाय की भूमिका बच्चों को सक्रिय जीवनशैली की ओर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण है।

मजबूत आंगनबाड़ी केंद्र:

आंगनबाड़ी केंद्र पोषण और बाल विकास सेवाओं का आधार हैं। इनके सुदृढ़ीकरण के लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी और सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के तहत सहयोग आवश्यक है।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों, आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं समुदाय से अपील की है कि वे निर्धारित कार्यक्रमों के अनुरूप सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि जिले में कुपोषण को दूर कर स्वस्थ समाज की नींव रखी जा सके।

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