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जी.डी. बगड़िया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में युवा दिवस सह स्वामी विवेकानंद जयंती धूमधाम से मनाई गई

जी.डी. बगड़िया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में युवा दिवस सह स्वामी विवेकानंद जयंती बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई।

जी.डी. बगड़िया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में युवा दिवस सह स्वामी विवेकानंद जयंती धूमधाम से मनाई गई

गिरिडीह: मनोज कुमार।

गिरिडीह : जी.डी. बगड़िया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में युवा दिवस सह स्वामी विवेकानंद जयंती बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. बालेंदु शेखर त्रिपाठी, पूर्व डिप्टी डायरेक्टर जेपीएससी रांची (झारखंड) एवं विभागाध्यक्ष, राजनीति शास्त्र, गिरिडीह कॉलेज, गिरिडीह उपस्थित रहे। वहीं महाविद्यालय के अध्यक्ष अजय बगड़िया, सचिव संगीता बगड़िया, नील रतन खेतान, आलोक मिश्रा सहित अन्य गणमान्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद की भव्य प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई। अतिथियों का स्वागत एवं परिचय प्राध्यापिका वंदना चौरसिया द्वारा किया गया। इसके पश्चात छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें स्वामी विवेकानंद की जीवनी पर आधारित लघु नाटक, झारखंड की संस्कृति को दर्शाता संथाली नृत्य तथा योग नृत्य प्रमुख आकर्षण रहे।

मुख्य अतिथि डॉ. त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद मां भारती के अमर पुत्र थे, जिन्होंने समाज को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि विवेकानंद ने आध्यात्मिक गुरु के रूप में भारत की सभ्यता और संस्कृति को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया तथा वे भारत के आधुनिकीकरण के समर्थक थे।

वहीं महाविद्यालय के अध्यक्ष अजय बगड़िया ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए शत-प्रतिशत प्रयास आवश्यक है, साथ ही अपने कर्तव्यों का निर्वाह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व शिक्षक आर्गो चटर्जी को भावभीनी विदाई भी दी गई। मंच संचालन अर्णव सामंता ने किया। धन्यवाद ज्ञापन करते हुए प्राचार्य डॉ. अनिल प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि शिक्षकों को स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को आदर्श बनाने का प्रयास करना चाहिए।

कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राध्यापिका बिना झा, रश्मि कुमारी, गुलफशान अख्तर, माधुरी कुमारी, रजनी कुमारी एवं प्राध्यापक अरविंद कुमार, योगेश्वर उपाध्याय, अशोक पटेल, अमित कुमार, पंकज गुछैत, प्रकाश वर्मा, योग प्रशिक्षक सोनी सहा सहित सभी प्रशिक्षुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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