जनता के आक्रोश के बीच — “पानी नहीं तो टैक्स नहीं”
गिरिडीह नगर निगम अंतर्गत वार्ड संख्या 06 के कृष्णा नगर, लखारी, शिवपुरी, बोड़ो, शशांक बेड़ा सहित कई क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से नियमित जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

जनता के आक्रोश के बीच — “पानी नहीं तो टैक्स नहीं”
वार्ड 06 में जल संकट पर प्रशासन की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण — जनता त्राहिमाम, जिम्मेदार मौन
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : नगर निगम अंतर्गत वार्ड संख्या 06 के कृष्णा नगर, लखारी, शिवपुरी, बोड़ो, शशांक बेड़ा सहित कई क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से नियमित जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। विगत लगभग दो महीनों से लोगों के घरों तक नियमित रूप से पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए लोग दर-दर भटकने को मजबूर हैं। महिलाएं, बच्चे एवं बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन नगर निगम एवं संबंधित एजेंसियां अब भी गहरी नींद में सोई हुई हैं।

स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि वार्ड 06 के कई मोहल्लों में पिछले 7 दिनों के दौरान लोगों को मात्र लगभग 1 घंटे ही पानी मिल पाया है। आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी आक्रोश के बीच वार्ड 06 के नागरिक उपनगर आयुक्त से मिलने पहुंचे और जलापूर्ति बाधित होने का कारण पूछा। लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि जब समस्या महीनों से बनी हुई है तो अब तक समाधान हेतु कोई ठोस पहल क्यों नहीं की गई।

वार्ड पार्षद संजीव कुमार ने कहा कि लगातार कई बार नगर निगम प्रशासन एवं पानी सप्लाई करने वाली एजेंसी से शिकायत की गई है और एजेंसी की कार्यशैली की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी की लापरवाही, मनमानी एवं भ्रष्ट कार्यप्रणाली के कारण पूरी जलापूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल आश्वासन देने में लगे हैं, जबकि जनता बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान है।

उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से बार-बार “लो वोल्टेज” का बहाना बनाकर जिम्मेदारी विद्युत विभाग पर डाली जा रही है, जबकि बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता का स्पष्ट कहना है कि वोल्टेज की कोई समस्या नहीं है, बल्कि पानी प्लांट का मोटर खराब है। इससे साफ प्रतीत होता है कि दोनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर अपनी विफलता छिपाने में लगे हुए हैं, जबकि इसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है।

वार्ड पार्षद ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चैताडीह पाइपलाइन के रेजिंग पाइप के माध्यम से एजेंसी की जानकारी में कुछ चहेते लोगों को अवैध रूप से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके कारण बाजार समिति एवं मवेशी अस्पताल स्थित मुख्य टैंक पूरी तरह भर नहीं पा रहा है और जरूरतमंद लोगों तक पानी नहीं पहुंच रहा। इसके बावजूद संबंधित विभाग एवं एजेंसी के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
उन्होंने कहा कि यदि अविलंब जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तथा दीर्घकालिक समाधान हेतु ठोस कार्ययोजना बनाकर लागू नहीं किया गया, तो जनता का आक्रोश और बढ़ेगा। ऐसी स्थिति में “पानी नहीं तो टैक्स नहीं” जैसे आंदोलनात्मक स्वर व्यापक रूप से सामने आते हैं, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इस दौरान वार्ड 06 के विभिन्न मोहल्लों के अरविंद झा, विकास, राजीव सिंह, मोहन तुरी, कुंदन सिंह, राहुल पांडेय, तारा देवी, मुन्ना यादव, सोनू, संदीप पासवान, सुजीत सिन्हा, राजेश सिन्हा, मंटू सिंह सहित कई लोगों ने भी वार्ड पार्षद के संघ जल संकट को लेकर नगर निगम में अपना आक्रोश व्यक्त किया तथा प्रशासन से अविलंब समाधान की मांग की।



