विद्यालयों में बाल संरक्षण एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित
सामाजिक संस्था युवा, जमशेदपुर एवं प्रतिज्ञा, रांची के संयुक्त तत्वावधान में 14 अक्टूबर को पोटका प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, चाकड़ी में बाल संरक्षण एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई।

विद्यालयों में बाल संरक्षण एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित
अभिजीत सेन।
जमशेदपुर–
सामाजिक संस्था युवा, जमशेदपुर एवं प्रतिज्ञा, रांची के संयुक्त तत्वावधान में 14 अक्टूबर को पोटका प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, चाकड़ी में बाल संरक्षण एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों में बाल संरक्षण समितियों के गठन और उन्हें सक्रिय बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यशाला के दौरान शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों को बाल अधिकारों और सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने, बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामलों की पहचान करने तथा समय पर आवश्यक सहयोग एवं हस्तक्षेप सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। साथ ही, बच्चों की आवाज़ को महत्व देने और विद्यालयों में सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भेदभावमुक्त वातावरण विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
प्रतिज्ञा संस्था के पीयूष सेनगुप्ता ने कहा कि विद्यालयों को बाल संरक्षण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाना आवश्यक है, ताकि प्रत्येक बच्चे के अधिकारों एवं सुरक्षा की प्रभावी रूप से रक्षा की जा सके।

चाकड़ी पंचायत की मुखिया संगीता सरदार ने कहा कि विद्यालयों में विद्यालय प्रबंधन समितियां पहले से मौजूद हैं, लेकिन बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें और अधिक सक्रिय बनाने की जरूरत है। वहीं, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका जोबा सोरेन ने कहा कि बाल संरक्षण समिति का गठन बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा उनकी समस्याओं के समय पर समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कार्यशाला ने विद्यालय स्तर पर बाल संरक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की।
कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा संस्था के सदस्य चाँदमनी, चंद्रकला, अवंती, अरूप एवं किरण का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




