लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं! गिरिडीह में कांग्रेस का काला दिवस, टावर चौक पर गूंजे ‘वोट चोरी नहीं चलेगी’ के नारे ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और लोकतंत्र की हत्या बंद करने की मांग
देश में लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं! गिरिडीह में कांग्रेस का काला दिवस, टावर चौक पर गूंजे ‘वोट चोरी नहीं चलेगी’ के नारे
ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और लोकतंत्र की हत्या बंद करने की मांग, जिला अध्यक्ष सतीश केडिया बोले—अब निर्णायक मोड़ पर पहुंची लड़ाई
गिरिडीह, मनोज कुमार।
गिरिडीह : देश में लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में शनिवार को गिरिडीह जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से कांग्रेस भवन से टावर चौक तक विरोध प्रदर्शन करते हुए काला दिवस मनाया गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान ‘ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करो’, ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ और ‘वोट चोरी नहीं चलेगी’ जैसे नारों से शहर का माहौल गूंज उठा। कांग्रेस भवन से निकला विरोध मार्च टावर चौक पहुंचा, जहां नेताओं ने सभा को संबोधित करते हुए अपने आक्रोश का इजहार किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सतीश केडिया ने केंद्र की मोदी सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार चुनाव आयोग के माध्यम से लोकतंत्र की निष्पक्षता, अखंडता और लोगों के संवैधानिक अधिकारों के साथ खिलवाड़ कर रही है।

सतीश केडिया ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस नेताओं को विरोध प्रदर्शन करने से रोकना और नेता प्रतिपक्ष समेत अन्य सांसदों के साथ कथित दुर्व्यवहार करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल समेत अन्य सांसदों के साथ किए गए व्यवहार पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक और राजनीतिक दल का मौलिक अधिकार है। यदि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जाती है, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रहार है। इसी के विरोध में कांग्रेस पूरे देश में काला दिवस मना रही है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। उन्होंने इसे देश की दूसरी आजादी की लड़ाई बताते हुए कहा कि जिस तरह देश ने पहले अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष कर आजादी हासिल की थी, उसी तरह आज कांग्रेस लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता इस लड़ाई को उसके अंजाम तक पहुंचाने और देश के लोकतंत्र को उसका पुराना गौरव वापस दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
विरोध प्रदर्शन में अजय कुमार सिन्हा, राजेश तुरी, प्रदेश सचिव अशोक विश्वकर्मा, मोहम्मद शमीम, मोहम्मद अली खान, पोरेश नाथ मित्रा, मोहम्मद निजामुद्दीन, मोहम्मद विनीत, भास्कर, सुलेमान अख्तर, मोहम्मद गुरु, मोहम्मद सोहेल, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष सरफराज अंसारी, बिलाल अहमद, हुसैन, मेराज अहमद, मेराज गोल्डी, साबिर खान, प्रोफेसर मंजूर आलम अंसारी, शाहनवाज, संतोष वर्मा, मोहम्मद ओवैस, देवानंद पंडित, टार्जन, मोहम्मद नवाब, सिकंदर अंसारी, नदीम अख्तर, चांद और रशीद समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।



