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पेटिंग के माध्यम से जीवन में बदवाव के लिए किया गया प्रेरित- डॉ. गोरे लाल यादव

पेटिंग के माध्यम से जीवन में बदवाव के लिए किया गया प्रेरित- डॉ. गोरे लाल यादव

पेटिंग के माध्यम से जीवन में बदवाव के लिए किया गया प्रेरित- डॉ. गोरे लाल यादव

चित्रकूट:  राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद एवं ललित कला अकादमी क्षेत्रीय केन्द्र लखनऊ के संयुक्त तत्वाधान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के 45 कला प्रवक्ताओं की प्रथम कला प्रदर्शनी “सृजनोत्सव” का शुभारंभ प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा उ. प्र. श्री दीपक कुमार द्वारा किया गया। इस प्रदर्शनी में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान शिवरामपुर चित्रकूट के कला प्रवक्ता डॉ. गोरेलाल

यादव ने अपनी सर्वश्रेष्ठ पेंटिग का प्रदर्शन किया, जिससे जनपद चित्रकूट को अपने प्रदर्शन के माध्यम से गौर्वान्वित होने का अवसर मिला, डॉ. गोरेलाल यादव ने बेसिक शिक्षा परिषद द्वार संचालित जूनियर विद्यालय के लिए हिन्दी पुस्तकों के कवर डिजायन भी (कक्षा 7, कक्षा 8) के लिए किये हैं। जो पूरे प्रदेश में संचालित हैं। इससे इनके गृह जनपद प्रयागराज के बसवार गाँव के लोग भी इनकी उपलब्धियों से गौरवान्वित हैं।

राज्य ललित कला अकादेमी में बेसिक शिक्षा मंत्री श्री संदीप सिंह जी द्वारा चित्रों का अवलोकन किया गया एवं प्रदर्शनी की सराहना की गयी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में तैनात कला प्रवक्ता डॉ. गोरेलाल यादव ने “मानव पर अराजकता” शीर्षक पर पेंटिग लगाई थी जिसमें उन्होंने समाज में व्याप्त अराजकता को दिखाया है। गोरे लाल जी ने बताया की समाज में ऐसे भी लोग हैं जो गरीब और असहाय लोगों पर जुर्म करते हैं। कुछ लोगों के कारण समाज में तनाव और अराजकता फैलाई जाती है जिसे रोकना जरूरी है। अपनी दूसरी पेंटिग इन्होने पर्यावरण पर प्रदर्शित की जिसके बारे में इन्होने बताया की प्रकृति तो अपने में पूर्ण है सिर्फ मानव ही इसकी बर्बादी का कारण है। उन्होने कहा की मानव, मानव की संवेदनाओं को समझे और पर्यावरण का ध्यान रखे तभी यह दुनिया सर्वश्रेष्ठ होगी। उन्होने अपनी पेंटिग के माध्यम से लोगों और पर्यावरण में सद्भाव पैदा करने का प्रयास किया है।

कार्यक्रम के अवसर पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् लखनऊ उ. प्र. के शिक्षा निदेशक श्री सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह, संयुक्त शिक्षा निदेशक श्री अजय कुमार सिंह , सहायक निदेशक श्रीमती दीपा तिवारी, शोध प्राध्यापक श्री वत्सला पवार तथा ललित कला अकादेमी के अध्यक्ष श्री सीताराम कश्यप एवं समस्त कला प्रवक्तागण उपस्थित थे।

 

रिपोर्ट: विजय त्रिवेदी चित्रकूट

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