झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद का 23 वा वार्षिक उत्सव माताजी आश्रम हाता में सम्पन्न
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार रविवार 11 अक्टूबर 2026 माताजी आश्रम हाता में झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद का 23 वां वार्षिक उत्सव विविध कार्यक्रम के साथ धूमधाम से सम्पन्न हुआ।

झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद का 23 वा वार्षिक उत्सव माताजी आश्रम हाता में सम्पन्न
झारखंड प्रभा का 18 वी अंक का हुआ विमोचन।
शिक्षक, साहित्यकार, कलाकार, समाजसेवी और स्कूली बच्चों को भी किया गया सम्मानित।
अभिजीत सेन।
जामशेदपुर/पोटका
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार रविवार 11 अक्टूबर 2026 माताजी आश्रम हाता में झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद का 23 वां वार्षिक उत्सव विविध कार्यक्रम के साथ धूमधाम से सम्पन्न हुआ।इस अबसर पर सुबह 9.30 बजे माँ दुर्गा की आगमनी गीत प्रस्तुत की गई जिसमें सुनील कुमार दे,कमल कांति घोष, तड़ित मंडल,भास्कर दे,पतित पावन दास,प्रवीर दास, बिथीका मण्डल आदि कलाकारों ने भाग लिया।सम्मेलन का उद्घाटन अतिथियों द्वारा धूप द्वीप प्रज्वलित करके तथा मां सरस्वती की फोटो पर माल्यार्पण करके किया गया।

सम्मेलन में स्वागत गीत के पश्चात स्वागत भाषण परिषद के सचिव शंकर चंद्र गोप ने दिया एवं परिषद का उद्देश्य पर प्रकाश डाला। झारखंड प्रभा के संपादक सुनील कुमार दे ने झारखंड प्रभा की विशेषता पर प्रकाश डाला।उसके बाद अतिथियों द्वारा,समाज निर्माण में साहित्यकारों की भूमिका,,इस विषय पर अपना अपना महत्वपूर्ण विचार रखे।सम्मानीय अतिथि सूर्य सिंह बेसरा ने कहा,,,झारखंड प्रभा के माध्यम से झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद ने सभी भाषाओं का उचित सम्मान देने का काम कर रहा है जो आज के समय में काफी प्रासंगिक है।

झारखंड प्रभा सचमुच भाषाई एकता का प्रतीक है। मौके पर शिक्षाविद मित्रोश्वर अग्निहोत्री ने झारखंड साहित्य परिषद के पहल की भूरी भूरी प्रशंसा की । पूर्व विधायक श्रीमती मेनका सरदार ने माताजी आश्रम एवं झारखंड साहित्य परिषद के क्रियाकलापों पर भूरी भूरी प्रशंसा की। इस अबसर पर बहुभाषी साहित्यिक पत्रिका झारखंड प्रभा का 18 का अंक का अतिथियों द्वारा विधिवत विमोचन किया गया।इसके अलावे साहित्यकार विकास कुमार भकत द्वारा लिखी गईं तीन पुस्तकों का भी विमोचन किया गयाl ।
साथ ही साथ सम्मेलन में परिषद कि ओर से टांगराइन मध्य विद्यालय के प्रधान शिक्षक अरविंग तिवारी,शंकर दा के जाने माने साहित्यकार करुणामय मण्डल,चलियामा के तबला बादक तपन मण्डल को नित्यानंद मण्डल स्मृति पुरस्कार तथा जुड़ी गांव के निवासी शिक्षाविद सह समाजसेवी रघुनन्दन बनर्जी को बिशिष्ट सम्मान से शाल,स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. यह सम्मान आशीष मण्डल की ओर से दिया गया.
उसके बाद पूर्व आयोजित साहित्य प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया lउक्त पुरस्कार बिकास चैरिटेबल एजुकेशन ट्रस्ट की ओर से दिया गया ।अध्यक्षीय भाषण जन्मेजय सरदार तथा धन्यवाद ज्ञापन परिषद के अध्यक्ष भवतारन मंडल ने दिया।कार्यक्रम का संचालन राजकुमार साहू ने किया।
इसके पश्चात बहुभाषी कवि सम्मेलन जिसमें सुनील कुमार दे, सूर्य सिंह बेसरा, करुणा मय मण्डल, विरेंद्र घोष, शंकर चंद्र गोप, वीथिका मण्डल, पूजा महतो, बिकास कुमार भकत, पंकज कुमार मिश्र, भवतारण मण्डल, साधु चरण पाल, आशुतोष मण्डल, सुदीप मुखर्जी, उज्जवल मण्डल आदि ने भाग लिया.।
वहीं शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ संपन्न हुआ परिषद वार्षिक उत्सव।.इस अबसर पर मृणाल पाल, स्वपन मंडल,स्वपन कुमार मंडल,कृष्ण पद मंडल,आनन्द साहू, बिनोद ज्योतिषी ,मोनी पाल,सुधांशु मिश्र,बलराम गोप, कृष्ण गोप,दुलाल मुखर्जी,मिथुन साहू,नारायण चटर्जी,तपन मंडल,रामकृष्ण सरदार, ब्रह्म पद मरल सुजाता मरल, बेला रानी मंडल,आशीष मंडल,सनातन महतो, हिरण महतो, अरविंद दे, संजय साहू,बिरेन मंडल,बीरेंद्र नाथ घोष,उज्जवल मंडल,शक्ति पद रजक, अर्जुन मुदी, सूर्य शंकर कर, हरे मोहन मण्डल, तरुण मण्डल, लोचोना मण्डल, साधना बनर्जी, निताई महाकुड़, चीनू माँ, कमल कांति घोष, तरुण दे के अलावे माताजी आश्रम के भक्तगण और झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद के सदस्यगन काफी संख्या में उपस्थित थे।



