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झारखंड में पैकेटबंद बिरयानी खाने के बाद 3 बच्चों की बिगड़ी तबीयत, दो की हालत गंभीर; रांची में चल रहा इलाज

लोहरदगा के चिताकोनी गांव में पैकेटबंद बिरयानी खाने के बाद तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। बच्चों को उल्टी होने लगी, जबकि परिजनों के मुताबिक दो बच्चों के मुंह से झाग और खून भी निकला। गंभीर हालत में दो बच्चों को रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद परिवार के लोग चिंतित हैं।

झारखंड में पैकेटबंद बिरयानी खाने के बाद 3 बच्चों की बिगड़ी तबीयत, दो की हालत गंभीर; रांची में चल रहा इलाज

लोहरदगा : लोहरदगा के चिताकोनी गांव में पैकेटबंद बिरयानी खाने के बाद तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। बच्चों को उल्टी होने लगी, जबकि परिजनों के मुताबिक दो बच्चों के मुंह से झाग और खून भी निकला। गंभीर हालत में दो बच्चों को रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद परिवार के लोग चिंतित हैं।

बिरयानी खाने के बाद अचानक बिगड़ी तीन बच्चों की हालत

झारखंड के लोहरदगा जिले में खाद्य पदार्थ खाने के बाद तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। घटना कुड़ू थाना क्षेत्र की चंदलासो पंचायत के चिताकोनी गांव की है। जानकारी के अनुसार, सोमवार की शाम गांव के तीन बच्चे अपने परिजनों के साथ चंदलासो गांव में आयोजित पूजा पंडाल में गए थे। वहां से रात में घर लौटते समय तीनों बच्चों ने गांव की एक दुकान से पैकेटबंद बिरयानी खरीदी और रास्ते में खायी।

बिरयानी खाने के कुछ समय बाद ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों के अनुसार, घर पहुंचने के बाद तीनों बच्चों को उल्टी होने लगी। स्थिति गंभीर होने पर परिवार के लोग उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।

दो बच्चों के मुंह से झाग और खून निकलने का दावा

इस घटना में ओमप्रकाश भगत की चार वर्षीय पुत्री तन्वी उरांव, सुरेश उरांव के आठ वर्षीय पुत्र रोहन उरांव और सुनील उरांव के सात वर्षीय पुत्र सत्या उरांव की तबीयत बिगड़ी है।

परिजनों ने बताया कि तन्वी उरांव और रोहन उरांव की हालत ज्यादा गंभीर हो गई थी। उनके मुंह से झाग और खून निकलने की बात भी सामने आई है। हालांकि, बच्चों की तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

तन्वी और रोहन को बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया

बच्चों की हालत बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद तन्वी उरांव को सोमवार की रात ही रांची रेफर कर दिया गया। वहीं, रोहन उरांव की स्थिति गंभीर होने पर परिजन मंगलवार की सुबह उसे भी रांची ले गए।

फिलहाल दोनों बच्चों को रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। तीसरे बच्चे सत्या उरांव का इलाज एक निजी क्लिनिक में कराया गया। परिजनों के अनुसार, बाद में उसे झाड़-फूंक के लिए भी ले जाया गया।

गांव पहुंचकर मुखिया और जनप्रतिनिधियों ने ली जानकारी

घटना की जानकारी मिलने के बाद चंदलासो पंचायत की मुखिया दसमति उरांव, मुखिया प्रतिनिधि अनिल उरांव और पंचायत समिति सदस्य के प्रतिनिधि बिनोद उरांव चिताकोनी गांव पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी ली और बच्चों के बेहतर इलाज में मदद करने का प्रयास किया।

तीन बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ने से गांव में चिंता का माहौल है। घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने की वजह पैकेटबंद बिरयानी थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती है।

जांच के बाद ही सामने आएगा बीमारी का असली कारण

इस घटना में बच्चों की तबीयत बिगड़ने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। खाद्य पदार्थ के दूषित होने या किसी अन्य वजह की आशंका की पुष्टि जांच के बाद ही की जा सकती है। ऐसे मामलों में खाए गए खाद्य पदार्थ के नमूने और चिकित्सकीय जांच से कारण का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल दो बच्चों का रांची में इलाज जारी है। परिवार के लोगों को उनके स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद है। घटना ने गांव में बच्चों की सुरक्षा और खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

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