ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, आज से ये होगा निशाना…
पश्चिम एशिया में पहले से सुलग रहे तनाव के बीच अब हालात और भी गंभीर होते नजर आ रहे हैं। ईरान(Iran) की शक्तिशाली सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अमेरिका(America) को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है।

ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी, आज से ये होगा निशाना…
पश्चिम एशिया में पहले से सुलग रहे तनाव के बीच अब हालात और भी गंभीर होते नजर आ रहे हैं। ईरान(Iran) की शक्तिशाली सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अमेरिका(America) को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर ईरानी नेताओं पर हमले जारी रहे, तो पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाया जायेगा। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और बेचैनी बढ़ गई है।

Iran का रात 8 बजे के बाद खतरे का इशारा ईरान(Iran) ने कहा है कि 1 अप्रैल से Tehran समयानुसार रात 8 बजे के बाद अमेरिकी(America) कंपनियों के ठिकानों पर हमले शुरू किये जा सकते हैं। भारतीय समय के अनुसार यह रात 10.30 बजे होगा। हर हमले के जवाब में कंपनियों की यूनिट्स को निशाना बनाने की चेतावनी दी गई है।
कर्मचारियों को तुरंत कार्यस्थल छोड़ने की सलाह दी गई है यह पहली बार है जब इस तरह समय सीमा तय कर धमकी दी गई है, जिससे खतरा ज्यादा गंभीर माना जा रहा है।
ईरान ने 15 बड़ी अमेरिकी कंपनियों की सूची जारी की है, जिन पर हमले की आशंका जताई गई है। इसमें दुनिया की कई दिग्गज टेक और इंडस्ट्रियल कंप
IT और AI कंपनियों पर क्यों है गुस्सा IRGC का आरोप है कि सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियां युद्ध में अहम भूमिका निभा रही हैं। ईरान का दावा है कि ये कंपनियां अमेरिका को ऑपरेशन की योजना बनाने,
खुफिया जानकारी जुटाने और सैन्य हमलों की रणनीति तैयार करने में मदद करती हैं। इसी वजह से उन्हें भी संभावित निशाने के तौर पर देखा जा रहा है। ईरान ने कंपनियों के कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि वे तुरंत अपने दफ्तरों से हट जायें।
इससे साफ है कि खतरा सिर्फ कंपनियों के ढांचों तक सीमित नहीं, बल्कि वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बन सकती है। अगर इन कंपनियों पर हमला होता है, तो इसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा। टेक और आईटी सेक्टर पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है। निवेशकों की चिंता भी बढ़ने की आशंका है।




