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बिहार में ब्राह्मणों की अनदेखी पड़ेगी महागठबंधन को भारी

पंडित रघुनाथ झा के आदर्शों को लेकर राजनीति में आए हैं उनके पौत्र राकेश झा

बिहार में ब्राह्मणों की अनदेखी पड़ेगी महागठबंधन को भारी

पंडित रघुनाथ झा के आदर्शों को लेकर राजनीति में आए हैं उनके पौत्र राकेश झा

 

पटना: बिहार की राजनीति में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रघुनाथ झा के पौत्र राकेश झा पूरी तैयारी के साथ एंट्री कर चुके हैं। अपने दादाजी की कर्मभूमि शिवहर को अपनी कर्मभूमि बनाने वाले राकेश ने विदेश से एमबीए की डिग्री हासिल की है आगे बढ़ना चाहते हैं आगे बढ़ना चाहते हैंइनके पिता पंडित अजीत झा भी बिहार से विधायक रहे हैं। राकेश झा विगत 10 वर्षों से बिहार की राजनीति में सक्रिय यह पॉजिटिव पॉलिटिक्स के टीम को आगे बढ़ा रहे हैं इन्हें भाजपा के नीतियां भाती है इस कारण से यह भाजपा में ही रहकर अपनी राजनीति कर रहे हैं इनका मानना है कि भाजपा देश को विकास के पथ पर ले जाने वाली एकमात्र पार्टी है जहां नीति और नियम में कोई फर्क नहीं है भूख भय और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भाजपा ने बहुत कुछ किया है राष्ट्रवाद सबसे आगे है एक आम कार्यकर्ता को भी पार्टी में बड़ी जिम्मेवारी और 4G मिलती है उनका मानना है कि वह अपने राजनीतिक परिवारिक विरासत को लेकर ही सियासत में आए हैं

जो आदर्श उनके दादा और पिता जी ने स्थापित किया है वे उन्हीं के पद चिन्हों पर चलकर बिहार की राजनीति में आगे बढ़ना चाहते हैं वे कहते हैं की राजनीति का मतलब ही होता है आम जनमानस की सेवा वह अपना ज्यादा से ज्यादा समय शिवहर में देते हैं उनके दादाजी की कर्मभूमि सिमर के साथ ही साथ बेतिया और गोपालगंज भी रहा है जहां के हजारों लाखों समर्थकों की आशाएं उनसे जुड़ी हुई है वे लगातार लोगों के बीच रहते हैं उनकी जन समस्याओं का निराकरण कैसे हो इसको लेकर चिंतन मनन करते हैं जन आंदोलनों का नेतृत्व भी करते हैं। राजनीति में युवाओं की भागीदारी को लेकर राकेश झा का कहना है कि अब समय बदला है यही कारण है कि अभी युवा पॉलिटिक्स की चर्चा ही नहीं हो रही सभी राजनीतिक दलों में युवाओं को तरजीह दी जा रही है अब प्रोफेशनल युवा पॉलिटिक्स में आ रहे हैं कोई इंजीनियर है कोई डॉक्टर है कोई बिजनेस मैनेजमेंट किया हुआ है तो कोई जमीन से जुड़ा हुआ सामाजिक कार्यकर्ता है विविधताओं से भरे युवा ही समाज को नई दिशा दे सकते हैं बिहार के बदलाव के लिए इनका मानना है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अगर कार्य किया जाए तभी बिहार में बाढ़ सुखाड़ तथा बेरोजगारी जैसी समस्याओं का समाधान होगा राकेश भाई इस बात से चिंतित भी हैं कि बिहार में विकास की तो लंबी गाथा लिखी गई है सड़क स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रयास हुआ है योग धंधे के क्षेत्र में आज भी बड़ा काम करना बाकी है बिहार में पलायन बड़ी समस्या है कृषि प्रधान राज्य होने के बावजूद किसानों के हितों को लेकर कोई बड़ा पहल नहीं किया गया है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना राजनीतिक आदर्श मानने वाले राकेश कहते हैं कि वे भाजपा में है पार्टी ने जहां जिस रूप में उन्हें जो जिम्मेवारी सौंपी है उससे वह पूरा करते हैं।

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