बाइक की जानकारी कोर्ट को नहीं देना नगर थाना प्रभारी को पड़ा महंगा,किया गया निलंबित।
दुमका नगर थाना में पांच साल पहले जब्त की गई बाइक की सही जानकारी झारखंड हाईकोर्ट को नहीं देने के मामले में नगर थाना प्रभारी अशोक राम पर कार्रवाई की गई है।

बाइक की जानकारी कोर्ट को नहीं देना नगर थाना प्रभारी को पड़ा महंगा,किया गया निलंबित।
पांच साल पहले जब्त बाइक की तलाश में लापरवाही का मामला, जांच में थाना परिसर के गड्ढे में मिली जर्जर हालत में।
दुमका : दुमका नगर थाना में पांच साल पहले जब्त की गई बाइक की सही जानकारी झारखंड हाईकोर्ट को नहीं देने के मामले में नगर थाना प्रभारी अशोक राम पर कार्रवाई की गई है। दुमका एसपी पीतांबर सिंह खेरवार की अनुशंसा पर संथाल परगना क्षेत्र के डीआईजी अंबर लकड़ा ने अशोक राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए लाइन हाजिर कर दिया है। नए थाना प्रभारी की नियुक्ति होने तक मुफस्सिल थाना प्रभारी जगन्नाथ धान को नगर थाना का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

जानकारी के अनुसार, करीब पांच साल पहले नगर थाना के सामने पेट्रोल पंप के पीछे रहने वाले विमान काहली की बाइक पुलिस ने जब्त की थी। परिवहन विभाग की ओर से बाइक का चालान भी किया गया था। इसके बाद वाहन मालिक ने कोर्ट से बाइक मुक्त नहीं कराई थी।
कुछ दिन पहले विमान काहली ने अदालत में आवेदन देकर बाइक मुक्त कराने की गुहार लगाई। मामले में न्यायालय ने नगर थाना को बाइक की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त कर कोर्ट को सूचित करने का निर्देश दिया। आरोप है कि थाना प्रभारी अशोक राम ने बाइक की तलाश किए बिना ही कोर्ट को सूचित कर दिया कि संबंधित नंबर की कोई बाइक थाना में मौजूद नहीं है।
इसके बाद नगर थाना में पदस्थापित पुलिसकर्मियों ने बाइक की तलाश शुरू की। गहन खोजबीन के दौरान बाइक थाना परिसर में ही एक गड्ढे में जर्जर हालत में मिली। बाइक के आसपास झाड़ियां उग आई थीं। बाइक मिलने के बाद थाना प्रभारी की ओर से इसकी जानकारी दोबारा अदालत को दी गई। इस पर अदालत ने पहले दी गई जानकारी को लेकर नाराजगी जताई।
मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने संथाल परगना क्षेत्र के डीआईजी अंबर लकड़ा से थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की। अनुशंसा के आधार पर डीआईजी ने अशोक राम को निलंबित कर दिया।
एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे मामले में थाना प्रभारी की ओर से लापरवाही बरती गई है। इसी के आधार पर उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।




