आदिवासी पहचान सबसे महत्वपूर्ण है, यही मेरी सच्चाई है: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
हमारा राज्य अनेक पुरानी आदिवासी सभ्यता को समेटे हुए है,हमे उन पर गर्व है ।

आदिवासी पहचान सबसे महत्वपूर्ण है, यही मेरी सच्चाई है: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने समस्त आदिवासी भाई बहनों को दी बधाई ।
हमारा राज्य अनेक पुरानी आदिवासी सभ्यता को समेटे हुए है,हमे उन पर गर्व है ।

झारखंड/रांची: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन रांची मोराबादी मैदान में आयोजित झारखंड जनजातीय महोत्सव 2022 में बतौर मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए।
झारखंड के मोरहाबादी मैदान में विश्व आदिवासी दिवस समारोह का आयोजन किया गया यह आयोजन मुख्य रूप से दो दिवसीय कार्यक्रम किया जाना है जो आज 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड राज्य के सभी जिले से पहुंचे एवम जिले के समस्त आदिवासी भाई बहनों को बधाई दिया । अपको बता दे की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा की हमारा झारखंड राज्य अनेक पुरानी आदिवासी सभ्यता को समेटे हुए है। विशाल जंगल,नदी,नाले झारखंड की विशेषता है।
जाने यह विश्व आदिवासी दिवस का खास क्या :
इस दिवस को संपूर्ण आदिवासी समाज एक वृहद स्तर पर उत्साह, हर्षोल्लास के साथ अपनी पारंपरिक वेशभूषा और रीति-रिवाज के साथ मनाते आ रहे है।
उपायुक्त ने कहा की आदिवासी समाज की संस्कृति,भाषा, रीति-रिवाज,सभ्यता को संरक्षित रखने के उद्देश्य से पूरे विश्व में आदिवासी दिवस मनाया जाता है।
आज पूरे झारखंड में उल्लास का माहौल है तथा राज्य तथा जिले स्तर पर अनेकों सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है l
मुख्यमंत्री ने कहा की….
1.जो बीत गया वो वक़्त नहीं इतिहास है हमारा
वीर पुरखों के बलिदान से बना आज है हमा
2.वो कहते रहे की मिट जाएगा वजूद इस दुनियाँ
मगर ज़िद थी हमारी “अबुवा दिशुम अबुवा राज हमारा
3.ये, झरने, पहाड़, जंगल और नदियाँ
ये संस्कृति परम्परा, ये धरोहर और ध
4.सभ्यता हमारी, है गौरव और मान हमारा
हम हैं आदि, ये है अभिमान हमा
5.जल-जंगल जमीन में बसता मन हमा
जोहार से सबको अभिनंदन हमारा
6.मांदर की थाप से गूंजता है हर घर हमा
जहां बोलना गीत और चलना नृत्य हमारा
7.पहचान हमारी पलाश महुआ और कर,गर्व से कहते हैं “झारखंडी हैं हम
8.झारखण्ड जनजातीय महोत्सव में आप सभी को जोहार हमार झारखंड।

यह समारोह रांची के मोरहाबादी मैदान में विश्व आदिवासी दिवस धूम धाम से मनाया गया। इस दौरान स्वागत नृत्य, कूडूक नृत्य, संथाली सांस्कृतिक नृत्य, नागपुरी डांस, झूमर नृत्य आदि की प्रस्तुति एवम कई अन्य तरह कि आदिवासियों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया ।

कहा प्रकृति है तो हम हैं। प्रकृति संरक्षण का दायित्व सभी मानव, समाज, देश को निभाने की की जरूरत है। प्रकृति और आदिवासी समाज, उनकी सरल जीवनशैली, संस्कृति के बीच का सामंजस्य पूरे विश्व के लिए अनुकरणीय है ।

मुख्यमंत्री ने पुनः सम्पूर्ण आदिवासी भाई बहनों को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दी।




