Breaking Newsअपराधझारखण्डटेक्नोलॉजीताजा खबरदुनियादेशलाइफस्टाइललाइव न्यूज़

सपने में आए थे भैरव बाबा… दिल्ली CM रेखा गुप्ता के हमलावर ने सुनाई अजब कहानी, पुलिस भी हैरान

दिल्ली पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह जांचने की कोशिश में है कि हमले के पीछे कोई बड़ा मकसद है या यह महज उसकी निजी सनक का नतीजा था.

सपने में आए थे भैरव बाबा… दिल्ली CM रेखा गुप्ता के हमलावर ने सुनाई अजब कहानी, पुलिस भी हैरान

 

नई दिल्ली:

दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले की जांच में आरोपी राजेश खिमजी की अजीबोगरीब दलीलें पुलिस को भी हैरान कर रही हैं. दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी पूछताछ के दौरान लगातार ऐसी कहानियां सुना रहा है, जो जांच को भटकाने की कोशिश लगती हैं. पुलिस के अनुसार राजेश ने बताया कि वह शिव मंदिर बनाकर पूजा करता है. उसने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उसे शिवलिंग में भगवान शिव के भैरव स्वरूप के दर्शन हुए. राजेश के मुताबिक भैरव स्वरूप में आए कुत्ते ने ही उसे दिल्ली जाकर अपनी बात रखने का आदेश दिया.

कैसे रेखा गुप्ता तक पहुंचा हमलावर

पुलिस सूत्रों ने बताया कि राजेश सोमवार को अपने घर से उज्जैन पहुंचा, जहां उसे दोबारा भैरव स्वरूप में आए कुत्ते ने दिल्ली जाने का आदेश दिया. इसके बाद वह बिना टिकट के ट्रेन से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा. दिल्ली आने पर उसने किसी शख्स से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के घर का पता पूछा और मेट्रो से निकल पड़ा. लेकिन वह गलत स्टेशन पर उतर गया और राहगीरों से पूछकर रिक्शा से सीएम के निजी आवास पर पहुंचा. रिक्शा वाले को उसने 50 रुपये दिए.

पुलिस पूछताछ में राजेश ने बताया कि वह मुख्यमंत्री से कुत्तों को दिल्ली से बाहर न करने की अपील करने आया था. लेकिन उसका आरोप है कि सीएम रेखा गुप्ता ने उसकी बात नहीं सुनी. इससे गुस्से में आकर उसने मुख्यमंत्री पर हमला कर दिया.

शाम में वापस गुजरात जाना चाहता था राजेश

राजेश का कहना है कि वह अपनी समस्या बताने के बाद शाम की ट्रेन से गुजरात लौटने वाला था. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि राजेश इस साल मई में अयोध्या गया था, जहां किसी मुद्दे पर धरना देने के दौरान सिक्योरिटी गार्ड्स ने उसकी पिटाई की थी. फिलहाल, दिल्ली पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह जांचने की कोशिश में है कि हमले के पीछे कोई बड़ा मकसद है या यह महज उसकी निजी सनक का नतीजा था. पुलिस का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद भी ली जा सकती है, क्योंकि आरोपी के बयानों में कई बार असंगत और कल्पनात्मक बातें सामने आ रही हैं.

Related Articles

Back to top button