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चेन्नई में प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन का तीन दिवसीय 14वा राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ । शमायल अहमद

प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन (PSACWA) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 14वां राष्ट्रीय सम्मेलन 19 से 21 दिसंबर तक चेन्नई के होटल हॉलिडे इन मे सफलतापूर्वक और ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ।

चेन्नई में प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन का तीन दिवसीय 14वा राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ ।
शमायल अहमद

प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन (PSACWA) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय 14वां राष्ट्रीय सम्मेलन 19 से 21 दिसंबर तक चेन्नई के होटल हॉलिडे इन मे सफलतापूर्वक और ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। जिसमें भारत के कोने-कोने से 400 से अधिक निजी स्कूलों के प्रतिनिधियों, प्राचार्यों, शिक्षा नीति विशेषज्ञों और प्रशासकों ने भाग लेकर शिक्षा सुधार पर गहन विचार-विमर्श किया।

इस भव्य सम्मेलन का उद्घाटन बॉलीवुड के सितारे और आशिकी फेम सुपरस्टार राहुल रॉय ने PSACWA के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सैयद शमायल अहमद,एवं राष्ट्रीय संयुक्त सचिव डॉ श्याम नारायण कुमार के साथ संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर सम्मेलन की विधिवत शुरुआत की।

इस सम्मेलन में देश भर के सभी राज्यों से निजी विद्यालयों के एसोसिएशन से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया और हिंदुस्तान की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और मजबूत बनाने के लिए विचार विमर्श किया तथा नई तकनीकों के माध्यम से शिक्षा में सुधार और आधुनिकता लाने की योजना बनाई ताकि समाज को बेहतर रूप रेखा मिल सके और देश को साक्षर, उच्च, जिम्मेदार, और काबिल युवा नागरिक मिल सके।

राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद ने कहा के एक ही देश में दो तरह की नीति नहीं चलेगी निजी विद्यालयों के साथ सौतेला व्यवहार नाकाबिले बर्दाश्त होगा उन्होंने कहा निजी विद्यालय दिन रात कड़ी मेहनत करते है ताकि हिंदुस्तान की शिक्षा को बेहतर बनाया जा सके। परन्तु समय समय पर सरकार निजी विद्यालयों के कार्यकलापों पर अनावयाशक हस्तक्षेप कर उनकी गति को धीमी और कार्यों में रुकावट पैदा करने की कोशिश करती है।

जिसके लिए इस भव्य सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद ने भारत सरकार और देश भर के राज्य सरकार से मांग की है के निजी विद्यालयों का एक अलग संगठन बनाया जाए ताकि बिना किसी भेद भाव के निजी विद्यालयों की समस्याओं का निवारण हो सके।

 

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