आज गुरियाही, बरलोटा, हनुमान नगर एवं अन्य क्षेत्रों में जनसंपर्क के दौरान स्थानीय लोगों से व्यापक संवाद हुआ।
आज गुरियाही, बरलोटा, हनुमान नगर एवं अन्य क्षेत्रों में जनसंपर्क के दौरान स्थानीय लोगों से व्यापक संवाद हुआ। इस दौरान क्षेत्रवासियों का भरपूर प्रेम, समर्थन और उत्साह देखने को मिला, जो बदलाव की मजबूत इच्छा को दर्शाता है।

आज गुरियाही, बरलोटा, हनुमान नगर एवं अन्य क्षेत्रों में जनसंपर्क के दौरान स्थानीय लोगों से व्यापक संवाद हुआ।
आज गुरियाही, बरलोटा, हनुमान नगर एवं अन्य क्षेत्रों में जनसंपर्क के दौरान स्थानीय लोगों से व्यापक संवाद हुआ। इस दौरान क्षेत्रवासियों का भरपूर प्रेम, समर्थन और उत्साह देखने को मिला, जो बदलाव की मजबूत इच्छा को दर्शाता है।
जनसंपर्क के दौरान यह सच्चाई सामने आई कि इन क्षेत्रों में आज भी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। विशेषकर गुरियाही क्षेत्र में पक्की सड़कों और नालियों की स्थिति बेहद चिंताजनक है—कहीं-कहीं तो ये सुविधाएं मुश्किल से दिखाई देती हैं।
यह क्षेत्र आज भी लगभग देहात जैसी स्थिति में है, जबकि इसे शहरी सुविधाओं से लैस होना चाहिए था।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि एक ओर टैक्स का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। यह स्थिति नगर प्रशासन की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
इस मौके पर पूनम सिंह ने कहा,

“इन इलाकों के लोग सालों से बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। टैक्स तो शहरी इलाकों जैसा लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं आज भी गांव जैसी हैं। यह सरासर अन्याय है। हमारी प्राथमिकता होगी कि गुरियाही, बरलोटा, हनुमान नगर सहित सभी उपेक्षित क्षेत्रों में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएं।”
उन्होंने आगे कहा कि जनता अब सिर्फ वादे नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाला काम चाहती है और आने वाले समय में इस दिशा में ठोस और ईमानदार प्रयास किए जाएंगे।


