पोटका के नारायणपूर में भाव्य कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा यज्ञ का शुभारंभ।
पोटका के हरिणा पंचायत अंतर्गत नारायणपुर गांव में शनिवार को भव्य कलश यात्रा के साथ सप्तम दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा महायज्ञ की शुरुआत हुई।

पोटका के नारायणपूर में भाव्य कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा यज्ञ का शुभारंभ।
अभिजीत सेन।
जमशेदपुर /पोटका
पोटका के हरिणा पंचायत अंतर्गत नारायणपुर गांव में शनिवार को भव्य कलश यात्रा के साथ सप्तम दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा महायज्ञ की शुरुआत हुई। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं उपस्थित होकर श्रीमद् भागवत कथा में भाग लिए। इस दौरान 108 महिलाओं के द्वारा कलश यात्रा निकाली गई।,

जो आकर्षण का केंद्र रही। भक्तों के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया ।भाव विभोर होकर स्वयं कथावाचक आदित्य पंडित महाराज भी नृत्य करते नजर आए। कलश यात्रा के बाद कथास्थल पर कलश स्थापना करके श्रद्धालुओं ने भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना की। जीसके बाद सात दिवसीय भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ किया गया।

कथा के प्रथम दिवस में आदित्य पंडित महाराज ने सूतजी शौनक जी का संवाद, गोकर्ण धुंधकारी का चरित्र, भागवत सप्ताह यज्ञ की विधि व उत्पन्ना एकादशी का महत्व की कथा सुनाते हुए पापों से मुक्ति ,मोक्ष की प्राप्ति, अध्यात्म शुद्धि ,भक्ति एवं अनुशासन का महत्व पर प्रकाश डाले। उन्होंने बताया देवर्षि नारद ने भक्ति देवी के कष्ट की निवृत्ति के लिए श्रीमद् भागवत कथा का साप्ताहिक यज्ञ अनुष्ठान किया था,
जिससे नारद के मन का संशय दूर हुआ। कथा सुनने मात्र से जीव जन्म और मरण के बंधन से मुक्त हो जाता है ।भागवत कथा सप्ताह यज्ञ को सफल बनाने में आयोजक कमेटी के अध्यक्ष विमल बरन मंडल सचिव सुकुमार मंडल, कोषाध्यक्ष अंबरीश मंडल, सदस्य गौतम मंडल कुशोध्वज खाडवाल, अभिजीत मंडल, समीर मंडल, मंटू मंडल, कन्हाई मंडल, सहदेव खंडवाल, सनत मंडल ,अलोक मंडल, दिलीप मंडल, सुजाता मंडल, काकुली मंडल, संचिता मंडल, आशा मंडल , सूर्य सेन मंडल, दुलाल मंडल आदि की मुख्य भूमिका रही।



